जयपुर में 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, आखिर प्रशासन ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला; जानें वजह
जयपुर प्रशासन ने JDA की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 48 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट, सोशल मीडिया और बल्क SMS सेवाएं बंद कर दी हैं.
नई दिल्ली: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से एक अहम कदम उठाते हुए, जयपुर प्रशासन ने 7 जून की आधी रात से 8 जून की आधी रात तक पूरे शहर में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है.
डिविजनल कमिश्नर वी. सरवन कुमार द्वारा जारी यह आदेश जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की प्रस्तावित अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई से पहले आया है. अधिकारियों ने सार्वजनिक शांति और सुरक्षा में संभावित खलल को लेकर चिंता जताई है.
क्या आया है अधिकारिक निर्देश?
आधिकारिक निर्देश के अनुसार जयपुर कमिश्नरेट और आसपास के इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी. इन पाबंदियों के कारण WhatsApp, Facebook, X, Instagram और इंटरनेट पर आधारित अन्य कम्युनिकेशन सेवाओं जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच भी बंद रहेगी.
अधिकारियों ने बल्क SMS और MMS सेवाओं को भी बंद करने का आदेश दिया है, जबकि वॉयस कॉलिंग की सुविधा सामान्य रूप से काम करती रहेगी.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि यह अस्थायी रोक एहतियाती कदम के तौर पर लगाई गई है ताकि अफवाहों, गलत सूचनाओं और भड़काऊ कंटेंट को फैलने से रोका जा सके, जो तय अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पर बुरा असर डाल सकते हैं.
कौन-कौन से क्षेत्र होंगे शामिल?
इन पाबंदियों के दायरे में कई संवेदनशील पुलिस थाना क्षेत्र आएंगे, जिनमें जयपुर के मुख्य शहरी और उप-शहरी इलाके शामिल हैं. यह रोक 'टेलीकॉम सेवाओं के अस्थायी निलंबन नियम 2017' के प्रावधानों के तहत लागू की गई है. ये नियम अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी स्थितियों में टेलीकॉम और इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकने का अधिकार देते हैं.
नागरिकों को क्या दी गई है सलाह?
मोबाइल इंटरनेट, सोशल मीडिया और बल्क मैसेजिंग सेवाएं दो दिनों तक बंद रहेंगी, इसलिए निवासियों और कारोबारियों को सलाह दी गई है कि वे पहले से जरूरी इंतजाम कर लें. शटडाउन की अवधि के दौरान ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, ऐप-आधारित सेवाओं, डिजिटल कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया के कामकाज में रुकावट आने की आशंका है.
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पाबंदियों का उल्लंघन करने या वैकल्पिक तरीकों से गलत सूचना फैलाने की किसी भी कोशिश पर लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.