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चारधाम यात्रा के दौरान परिवार हुआ दर्दनाक दुर्घटना का शिकार, 4 की मौत और 3 लापता

जैसलमेर के दरिया नाथ बावड़ी इलाके के निवासी डॉ. दिनेश कुमार माली ने अपने माता-पिता को चारधाम यात्रा कराने का सपना देखा था. नौ दिन पहले पूरा परिवार खुशी-खुशी घर से रवाना हुआ था. लेकिन परिवार के बड़े बुजुर्ग लूणाराम स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण हरिद्वार में ही रुक गए थे. वे बाकी परिवार के लौटने का इंतजार कर रहे थे. 

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Edited By: Antima Pal
चारधाम यात्रा के दौरान परिवार हुआ दर्दनाक दुर्घटना का शिकार, 4 की मौत और 3 लापता
Courtesy: pinterest

Rajasthan News: उत्तराखंड के देवप्रयाग में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. राजस्थान के जैसलमेर जिले के रहने वाले डॉक्टर दिनेश कुमार माली का पूरा परिवार चारधाम यात्रा के दौरान अलकनंदा नदी में गिर गया. इस दुर्घटना में डॉक्टर समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी लापता हैं. एक 12 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल है.

चारधाम यात्रा के दौरान परिवार हुआ दर्दनाक दुर्घटना का शिकार

जैसलमेर के दरिया नाथ बावड़ी इलाके के निवासी डॉ. दिनेश कुमार माली ने अपने माता-पिता को चारधाम यात्रा कराने का सपना देखा था. नौ दिन पहले पूरा परिवार खुशी-खुशी घर से रवाना हुआ था. लेकिन परिवार के बड़े बुजुर्ग लूणाराम स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण हरिद्वार में ही रुक गए थे. वे बाकी परिवार के लौटने का इंतजार कर रहे थे. 

4 की मौत, 3 लापता

मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे देवप्रयाग के साकनीधार इलाके के पास परिवार की इनोवा कार अनियंत्रित हो गई. कार सड़क से फिसलकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और सीधे तेज बहाव वाली अलकनंदा नदी में समा गई. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई. बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया.

हादसे में कौन-कौन शामिल थे?

इस दुर्घटना में डॉ. दिनेश कुमार माली, उनकी मां कमला देवी, उनकी भांजी जाह्नवी और ड्राइवर अखिलेश की मौत हो गई. डॉ. दिनेश कुमार माली ने यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. हाल ही में उन्होंने एम्स में काम संभाला था. उनका 12 वर्षीय बेटा आयुष्मान इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गया. उसे तुरंत ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है.

हरिद्वार में पिता करते रहे परिवार का इंतजार

परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. एसडीआरएफ की टीम नदी में गहराई तक तलाश अभियान चला रही है. नदी का तेज बहाव और खाई की गहराई बचाव कार्य को मुश्किल बना रही है. परिवार का सपना अधूरा रह गया. डॉ. दिनेश अपने माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा पूरी करके घर लौटना चाहते थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. हरिद्वार में इंतजार कर रहे पिता लूणाराम को जब इस दुर्घटना की खबर मिली तो उनका रो-रोकर बुरा हाल है. पूरा इलाका इस घटना से सदमे में है.

स्थानीय प्रशासन ने मरने वालों के शवों को निकालने और घायल बच्चे के बेहतर इलाज के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार की स्पीड ज्यादा होने या ड्राइवर का नियंत्रण खो देने के कारण हादसा हुआ माना जा रहा है.