राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने कुख्यात अपराधी जगदीप सिंह उर्फ जग्गा को अमेरिका में पकड़वाने में सफलता हासिल की है. लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंगों से जुड़े जग्गा पर हत्या, फायरिंग और रंगदारी के 10 से ज्यादा केस हैं. जग्गा जैसे फरार अपराधी को विदेशी धरती से पकड़वाना आसान नहीं था. AGTF ने महीनों की मेहनत के बाद यह कमाल किया. जोधपुर के प्रतापनगर फायरिंग और व्यवसायी वासुदेव इसरानी की हत्या जैसे सनसनीखेज मामलों में जग्गा का हाथ बताया जाता है.
जग्गा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुख्य चेहरा रहा है, जो रोहित गोदारा गुट से भी जुड़ा हुआ है. राजस्थान में उसकी सक्रियता ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया. 2017 के प्रतापनगर गोलीकांड में उसने फायरिंग की कमान संभाली थी. इसी तरह, जोधपुर के प्रमुख उद्योगपति वासुदेव इसरानी की हत्या में उसकी भूमिका सिद्ध हो चुकी है.
रंगदारी वसूलने के लिए वह व्यापारियों को धमकाता था. कुल 10 से अधिक मुकदमे उसके नाम हैं, जिनमें हत्या के प्रयास प्रमुख हैं. गैंग के जरिए वह हथियारों की आपूर्ति भी करता था. पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नेटवर्क का एक बड़ा कड़ी टूट गई.
जग्गा का अपराधी सफर भारत से शुरू होकर विदेशों तक फैला. कुछ साल पहले जोधपुर में पुलिस की सख्ती बढ़ने पर वह पासपोर्ट बनवाकर दुबई भाग निकला. वहां से अवैध नेटवर्क के सहारे वह अमेरिका पहुंचा, जहां तीन साल से छिपा हुआ था.
सूत्रों के अनुसार, वह अमेरिका में गैंग की गतिविधियों को रिमोट कंट्रोल कर रहा था. राजस्थान पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए साइबर टूल्स का सहारा लिया. दुबई से अमेरिका का यह रूट गैंगस्टरों का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है. लेकिन AGTF की सतर्कता ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया. अब प्रत्यर्पण से उसके सारे राज खुलेंगे.
राजस्थान AGTF ने जग्गा की विदेशी हरकतों पर नजर रखी. तकनीकी निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट ने काम किया. भारतीय एजेंसियों ने अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी को सटीक जानकारी दी, जिस पर ICE ने तुरंत छापा मारा. यह सहयोग लंबे समय से चला आ रहा है, जो फरार अपराधियों को पकड़ने में कारगर साबित हो रहा है. AGTF प्रमुख ने इसे टीमवर्क की जीत बताया.