Punjab Weather Alert: 5 अगस्त तक नहीं थमेगी बारिश, IMD ने जारी किया नया अपडेट

पंजाब में मानसून 5 अगस्त तक सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग ने हिमाचल से सटे जिलों में भारी बारिश और अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान जताया है.

AI
Babli Rautela

पंजाब में मानसून का असर अभी जारी है और अगस्त के पहले सप्ताह तक लोगों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में 5 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा, हालांकि इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है. शुक्रवार को भी पंजाब के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस से लोगों को राहत मिली. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा.

कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

शुक्रवार को पंजाब के कई जिलों में मानसून ने जोरदार दस्तक दी. मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार विभिन्न जिलों में दर्ज वर्षा इस प्रकार रही—

  •  पठानकोट – 32.0 मिमी
  •  रूपनगर – 26.9 मिमी
  •  पटियाला – 23.2 मिमी
  •  बरनाला – 16.5 मिमी
  •  लुधियाना – 8.1 मिमी
  •  कपूरथला – 4.0 मिमी
  •  चंडीगढ़ – 3.8 मिमी
  •  अमृतसर – 3.5 मिमी

इसके अलावा एसबीएस नगर और जालंधर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई.


तापमान में आई गिरावट

बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे बना रहा. सबसे अधिक असर पठानकोट में देखने को मिला, जहां दिन और रात के तापमान में बेहद कम अंतर रहा.

  •  पठानकोट: अधिकतम 27.9°C, न्यूनतम 27.1°C
  •  अमृतसर: अधिकतम 30.6°C, न्यूनतम 27.8°C

अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.

5 अगस्त तक जारी रहेगा मानसून का असर

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में 5 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा. इस दौरान हिमाचल प्रदेश से लगते जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं, मालवा, दोआबा और माझा क्षेत्र के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हालांकि विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की तीव्रता पहले की तुलना में थोड़ी कम हो सकती है.

6 अगस्त से बदल सकता है मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 6 अगस्त के बाद मानसून कमजोर पड़ने लगेगा. यदि मौसम प्रणाली में कोई नया बदलाव नहीं हुआ, तो राज्य में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और कई इलाकों में वर्षा की कमी देखने को मिल सकती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की मात्रा पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए नियमित वर्षा महत्वपूर्ण है.