पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट को झटका! डीलरों ने जताई चिंता, बोले- बढ़ा खर्च तो लेना पड़ेगा कैश

पंजाब के पेट्रोल पंप और LPG डीलरों ने प्रस्तावित UPI MDR बदलाव पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि अतिरिक्त शुल्क बढ़ा तो कम मार्जिन के कारण UPI भुगतान सीमित कर कैश लेना पड़ सकता है.

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Ashutosh Rai

UPI भुगतान को लेकर पंजाब के पेट्रोल पंप और LPG एजेंसी संचालकों ने चिंता जताई है. डीलरों का कहना है कि चुनिंदा डिजिटल लेनदेन पर MDR लागू होने से उनका खर्च बढ़ सकता है. लुधियाना में पेट्रोलियम डीलर्स और LPG वितरकों ने कहा कि अतिरिक्त बोझ बढ़ने पर डिजिटल भुगतान सीमित करने की स्थिति बन सकती है.

पेट्रोल पंप डीलरों ने बताया खर्च बढ़ने का डर

लुधियाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक कुमार सचदेवा ने प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि पेट्रोल पंप पहले से कम मार्जिन पर काम करते हैं और अगर कुछ UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा तो इसका असर सीधे कारोबार के खर्च पर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि ग्राहक जितना पेट्रोल या डीजल भरवाता है, उसकी मात्रा और भुगतान की राशि डिस्पेंसिंग मशीन पर साफ दिखाई देती है. एसोसिएशन ने इस मुद्दे को पेट्रोलियम कंपनियों के सामने रखा है और समाधान की मांग की है.

LPG एजेंसियों पर भी पड़ सकता है असर

फेडरेशन ऑफ LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पंजाब के अध्यक्ष गुरपाल सिंह मान ने भी डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क को लेकर चिंता जताई. उनके मुताबिक बड़ी संख्या में गैस एजेंसियां फिलहाल ग्राहकों से भुगतान UPI के जरिए ले रही हैं. अगर MDR लागू हुआ और एजेंसियों का खर्च बढ़ा तो डिजिटल भुगतान जारी रखना मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति में एजेंसियों को कैश भुगतान की व्यवस्था फिर बढ़ानी पड़ सकती है. डीलरों का कहना है कि इससे LPG सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों में बढ़े डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल पर असर पड़ने की आशंका है.


कैश भुगतान बढ़ा तो सुरक्षा का जोखिम भी

खन्ना की रेशम गैस सर्विस के मालिक रवजोत सिंह ने डिजिटल भुगतान के एक दूसरे फायदे की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने बताया कि उनकी एजेंसी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए UPI भुगतान को बढ़ावा दिया था. पहले सेल्समैन ग्राहकों से नकद रकम लेकर लौटते थे और रास्ते में बदमाशों द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी हुई थीं. UPI से कैश रखने और ले जाने का जोखिम कम हुआ. डीलरों का कहना है कि यदि शुल्क के कारण डिजिटल भुगतान घटता है और कैश बढ़ता है, तो सुरक्षा की यह चिंता फिर सामने आ सकती है.