चंडीगढ़ में केंद्रीय सहकारिता विभाग द्वारा संचालित 'भारत टैक्सी' सेवा की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है. इसका उद्घाटन प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और कृष्ण पाल गुर्जर की उपस्थिति में हुआ. हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा ओला, उबर और इनड्राइव के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है.
'भारत टैक्सी' देश का पहला सहकारी कैब राइडिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के विकल्प के रूप में पेश किया गया है. इसमें चालकों को 'सारथी' नाम दिया गया है. इस मॉडल में ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता न होकर निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार होंगे. इसके अलावा, शेयर खरीदकर 'सारथी' कंपनी में शेयरहोल्डर और बोर्ड मेंबर भी बन सकते हैं.
निजी कैब एग्रीगेटर्स में पीक ऑवर्स के दौरान किराया अचानक बढ़ (सर्ज प्राइसिंग) जाता है, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है. भारत टैक्सी में किराया स्थिर और पारदर्शी रखा जाएगा. चूंकि यह एक सरकारी और सहकारिता पर आधारित पहल है, इसलिए यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा की सुविधा मिलेगी.
यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह जीरो कमीशन मॉडल पर काम करेगा, यानी राइड से होने वाली पूरी कमाई सीधे ड्राइवर को मिलेगी. भविष्य में प्लेटफॉर्म संचालन के लिए केवल बेहद मामूली सब्सक्रिप्शन फीस ली जा सकती है. इसके साथ ही 'सारथी' को ई-श्रम योजना, बीमा, सामाजिक सुरक्षा, एसबीआई (SBI) के जरिए कम ब्याज पर कार लोन और 'ड्राइवर्स वेलफेयर विंग' के माध्यम से सहायता दी जाएगी.
कोई भी चालक गूगल प्ले स्टोर से 'भारत टैक्सी' मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करके अपना पंजीकरण करा सकता है. रजिस्ट्रेशन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन की आरसी, पहचान प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद चालकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया जाता है.