चंडीगढ़: सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों की पढ़ाई को लेकर केंद्र सरकार की पहल पर भाजपा नेता विजय सांपला ने पंजाब सरकार से तेजी से काम करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि केंद्र से साझा किए गए पात्र विद्यार्थियों के विवरण का तत्काल सत्यापन किया जाए और योग्य बच्चों के छात्रवृत्ति आवेदन करवाए जाएं. सांपला के मुताबिक, आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे परिवारों के बच्चों के लिए यह सहायता पढ़ाई जारी रखने में अहम भूमिका निभा सकती है.
सांपला ने केंद्र के उस कदम का स्वागत किया, जिसके तहत NAMASTE योजना के दायरे में सत्यापित सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक मदद मिलने से पढ़ाई बीच में छूटने की आशंका कम हो सकती है. केंद्र की छात्रवृत्ति व्यवस्था का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाना है.
भाजपा नेता ने पंजाब के शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से कहा कि केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर पात्र विद्यार्थियों की पहचान जल्द पूरी की जाए. उनका कहना है कि सरकारी प्रक्रिया में देरी या योजना की जानकारी नहीं होने के कारण किसी योग्य बच्चे को लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए संबंधित विभागों को आवेदन प्रक्रिया में परिवारों की मदद करने की भी जरूरत है.
NAMASTE योजना के तहत सफाई और कूड़ा संग्रह से जुड़े कामगारों की पहचान और सत्यापन का काम लगातार आगे बढ़ रहा है. केंद्र के जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 2.81 लाख से अधिक कूड़ा बीनने वालों का सत्यापन किया जा चुका था. बाद के सरकारी अपडेट में यह संख्या और बढ़ी है.
योजना के अगले चरण में ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और नालियों की सफाई से जुड़े कामगारों को भी शामिल करने की प्रक्रिया बताई गई है. NAMASTE में कूड़ा बीनने वालों को जून 2024 से लक्ष्य समूह में शामिल किया गया था. योजना का व्यापक उद्देश्य सफाई से जुड़े कामगारों को सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर आजीविका से जोड़ना है.
सांपला ने कहा कि शिक्षा ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता खोल सकती है. उनका कहना है कि छात्रवृत्ति से पढ़ाई का खर्च संभालने में परिवारों को मदद मिलेगी और बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे. उन्होंने पंजाब सरकार से प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की अपील की, ताकि केंद्र की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता वास्तविक पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंच सके.