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India Daily

पंजाब-चंडीगढ़ में 32 फीसदी कम बारिश, गर्मी और उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है. राज्य में अब तक सामान्य से 32 फीसदी कम बारिश हुई है. बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग भी 15 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
पंजाब-चंडीगढ़ में 32 फीसदी कम बारिश, गर्मी और उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
Courtesy: ANI

पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं. इसके चलते तापमान बढ़ने के साथ लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 30 अगस्त को पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है.

चंडीगढ़ में दिनभर हल्के बादल छाए रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं. राज्य के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है और यह सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक चल रहा है. बठिंडा में सबसे ज्यादा 37.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

तीन दिनों से बारिश का इंतजार

पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में पिछले तीन दिनों के दौरान बारिश बहुत कम हुई है. शनिवार को पठानकोट और रोपड़ में एक-एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. अमृतसर में भी बारिश हुई, लेकिन उसका आंकड़ा दर्ज नहीं हो सका. प्रदेश में अधिकतम तापमान 33.1 से 37.9 डिग्री के बीच रहा. मानसून सीजन में अब तक पंजाब में सामान्य से करीब 32 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. बारिश की कमी का असर खेती और आम जनजीवन के साथ मौसम पर भी दिखाई दे रहा है.

उमस के बीच छाए रहेंगे बादल

अमृतसर के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है. इन मौसमी प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है. इससे पंजाब के कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है. हालांकि, फिलहाल पूरे राज्य में व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं. पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम गर्म, उमस भरा और आंशिक रूप से बादल वाला रहने का अनुमान है.

गर्मी बढ़ी तो बिजली की मांग भी बढ़ी

बारिश की कमी और बढ़ती गर्मी का असर बिजली की खपत पर भी पड़ा है. पंजाब में दिन के समय बिजली की मांग करीब 15,071 मेगावाट तक पहुंच रही है. राज्य लगभग 4,502 मेगावाट बिजली खुद पैदा कर रहा है, जबकि करीब 10,569 मेगावाट बिजली बाहर से ले रहा है. यानी पंजाब अपनी कुल जरूरत की लगभग 30 फीसदी बिजली खुद पैदा कर रहा है और करीब 70 फीसदी बिजली केंद्र के ग्रिड से खरीदकर जरूरत पूरी कर रहा है. अगर आने वाले दिनों में गर्मी और उमस बनी रहती है तो बिजली की मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है.