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India Daily

मेक्सिको में फंसे पंजाबी युवक का दर्दनाक वीडियो वायरल, बोला- ‘डंकी रूट चुनकर गलती की’

मेक्सिको में फंसे एक पंजाबी युवक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. युवक ने कथित मारपीट का जिक्र करते हुए लोगों से अवैध प्रवासी रास्तों से बचने की अपील की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
मेक्सिको में फंसे पंजाबी युवक का दर्दनाक वीडियो वायरल, बोला- ‘डंकी रूट चुनकर गलती की’
Courtesy: X

सोशल मीडिया पर सामने आए 33 सेकंड के एक वीडियो ने विदेश जाने के लिए अवैध रास्तों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की मुश्किलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. वीडियो में एक पंजाबी सिख युवक बिस्तर पर बैठा नजर आता है और हाथ जोड़कर लोगों से ‘डंकी रूट’ नहीं अपनाने की अपील करता है. हालांकि, युवक की पहचान और उसके सटीक ठिकाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

मारपीट का लगाया आरोप

वीडियो में युवक काफी डरा और परेशान दिखाई देता है. उसका दावा है कि वह अवैध रास्ते से मेक्सिको पहुंचा था और बाद में वहां से निकलने की कोशिश की. युवक के मुताबिक, इस प्रयास के बाद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे इतनी चोटें आईं कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है. वह बार-बार दूसरों को ऐसी गलती न करने की चेतावनी देता नजर आता है.

एजेंटों से सावधान रहने की अपील

युवक ने वीडियो में कैमरा पकड़े व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि वही उसे इस जगह तक लेकर आया था. उसने कहा कि विदेश जाने के लिए इस रास्ते को चुनना उसकी गलती थी और अब उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं. वीडियो के अंत में वह हाथ जोड़कर माफी मांगता है और लोगों से ऐसे नेटवर्क से दूर रहने की भावुक अपील करता है.

क्या है ‘डंकी रूट’?

 ‘डंकी रूट’ अनियमित या अवैध प्रवासन के उन तरीकों को कहा जाता है, जिनमें लोग कानूनी इमिग्रेशन प्रक्रिया के बजाय कई देशों से होकर अनधिकृत रास्तों से अपने इच्छित देश तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले कुछ प्रवासी मेक्सिको समेत कई ट्रांजिट देशों से गुजरते हैं. इस पूरी यात्रा में एजेंट और बिचौलिए अलग-अलग चरणों में पैसे लेते हैं.

लाखों रुपये खर्च करने का दावा

ऐसे रास्तों के लिए एजेंटों द्वारा बड़ी रकम मांगे जाने की बात सामने आती रही है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूरी यात्रा में करीब 20 लाख से 70 लाख रुपए तक खर्च होने का दावा किया जाता है. लेकिन पैसा खर्च करने के बावजूद प्रवासियों के पास यात्रा पर नियंत्रण नहीं रहता. वे परिवहन, ठहरने और सीमा पार कराने वाले बिचौलियों पर निर्भर हो जाते हैं.