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India Daily

बारिश से पंजाब हुआ तर-बतर, अगले 48 घंटे इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बरसेगा मानसून

पंजाब में मानसून फिर सक्रिय हो गया है और कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. तेज हवाओं और लगातार वर्षा को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
बारिश से पंजाब हुआ तर-बतर, अगले 48 घंटे इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बरसेगा मानसून
Courtesy: AI (Gemini)

पंजाब में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही हैं. पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और आवागमन की परेशानी भी देखने को मिली. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. इसके साथ ही कई जिलों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.

कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक पंजाब के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 49.8 मिलीमीटर बारिश गुरदासपुर में रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा बठिंडा, चंडीगढ़, मोहाली, पटियाला, फरीदकोट, अमृतसर, एसबीएस नगर, पठानकोट और लुधियाना सहित कई जिलों में अलग अलग स्तर की बारिश दर्ज की गई. इससे कई क्षेत्रों में तापमान में राहत महसूस की गई.

तापमान में आया बदलाव

बारिश के बाद राज्य के मौसम में हल्का बदलाव दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार औसत अधिकतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जबकि न्यूनतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. इसके बावजूद प्रदेश का तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना हुआ है. मौसम में नमी बढ़ने से उमस भी कुछ इलाकों में बनी हुई है.

भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है.

अगले दिनों में भी रहेगा मानसून का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक से चार अगस्त तक हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब के जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है. लगातार सक्रिय मानसून के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है.