करंट से गई PHD स्कॉलर की जान, 21 लाख मुआवजा और भाई को नौकरी देने की पेशकश; कई घंटों बाद बनी सहमति
पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मौत के बाद बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई. प्रशासन ने 21 लाख रुपये का मुआवजा और मृतका के छोटे भाई को नौकरी देने की घोषणा की.
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. लंबे समय तक चली बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और मृतका के परिजनों के बीच समझौता हो गया. प्रशासन ने आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग स्वीकार कर ली. इसके बाद पोस्टमार्टम कराने को लेकर बनी स्थिति भी सामान्य हो गई और आगे की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बन गई. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मृतका के परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ छोटे भाई को नौकरी देने की घोषणा की. इस फैसले के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने के लिए अपनी सहमति दे दी. डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा. प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिवार अपने पैतृक गांव ले जाएगा.
प्रशासन और परिवार के बीच बनी सहमति
ज्योति की मौत के बाद परिवार और छात्र संगठन लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. अंततः बुधवार को सहमति बनी, जिसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 लाख रुपये की सहायता राशि और मृतका के छोटे भाई को नौकरी देने का निर्णय लिया.
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब होगी पूरी
समझौते के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई. तय किया गया कि डॉक्टरों के पैनल की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद ज्योति का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा. प्रशासन ने सभी औपचारिकताओं को नियमानुसार पूरा कराने की बात कही है.
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मंगलवार को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह पूरा मामला मंगलवार सुबह का है, जब पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 और नंबर-10 के बीच स्थित क्षेत्र में ज्योति करंट की चपेट में आ गई थीं. हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल बन गया और छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे कई सवाल
हादसे के बाद परिसर में विद्युत सुरक्षा और रखरखाव को लेकर चर्चा तेज हो गई. छात्र संगठनों ने परिसर में मौजूद बिजली संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई. इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
जांच एजेंसियां कर रही हैं पड़ताल
फिलहाल पुलिस, बिजली विभाग और पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.