चंडीगढ़: पंजाब में 24 घंटे के भीतर हुई दो बड़ी पुलिस कार्रवाइयों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. अमृतसर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से हथियारों, विस्फोटकों और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया है कि सीमा पार से संचालित नेटवर्क नए तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. शुरुआती जांच में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, आधुनिक हथियारों की तस्करी और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की आशंका सामने आई है. पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
14 जुलाई को अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक जिंदा हथगोला, एक AK-47 राइफल, मॉडिफाइड M4 श्रेणी की .30 बोर स्वचालित बंदूक और पांच मैगजीन बरामद की गईं. इसके अगले दिन शहर क्षेत्र से एक अन्य आरोपी के कब्जे से हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गईं.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान में मौजूद कथित ISI हैंडलरों के संपर्क में आया था. जांच एजेंसियां इस पहलू को गंभीरता से देख रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर स्थानीय युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है.
हालिया बरामदगी में अत्याधुनिक हथियार मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इन हथियारों का उद्देश्य क्या था और इन्हें कहां इस्तेमाल किया जाना था. पुलिस के अनुसार समय रहते कार्रवाई होने से संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली है.
जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है. सीमा पार से हथियार पहुंचाने और उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राप्त करने वाले पूरे तंत्र की पड़ताल की जा रही है.
पंजाब पुलिस ने कहा है कि सीमा पार से संचालित आतंकी मॉड्यूल और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. पुलिस के अनुसार राज्य की शांति, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी राष्ट्र विरोधी गतिविधि को सफल नहीं होने दिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच तेज कर दी गई है.