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जग्गू भगवानपुरिया गैंग का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अमृतपाल सिंह रेट कॉर्नर नोटिस पर यूरोप से गिरफ्तार

अमृतपाल गुरदासपुर के बटाला जिले के एक गांव का रहने वाला है. उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े कम से कम चार अलग-अलग मामले हैं और सभी मामले गुरदासपुर में दर्ज हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
जग्गू भगवानपुरिया गैंग का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अमृतपाल सिंह रेट कॉर्नर नोटिस पर यूरोप से गिरफ्तार
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जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े मोस्ट वॉन्टेड गैंग्स्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर यूरोप के मोल्दोवा बॉर्डर से हिरासत में लिया गया है. यह नोटिस पंजाब पुलिस के आवेदन पर  विदेश मंत्रालय, सीबीआई और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से  जारी किया गया था.

पंजाब पुलिस के प्रमुख ने शनिवार को यह जानकारी दी. पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट में जानकारी देते हुए कहा, 'अमृतपाल सिंह पंजाब में की संगीन अपराधों में वांछित था और काफी समय विदेश में फरार था. पंजाब पुलिस के लगाता फॉलोअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी.'

डीजीपी ने आगे कहा कि उसे भारत प्रत्यर्पित कराने के लिए कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाएं चल रही हैं ताकि वह कानून का सामना कर सके. यादव ने कहा कि अमृत दलम की गिरफ्तारी विदेशों में न्याय से बच रहे अपराधियों को ट्रैक करने और वापस लाने के हमारे निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है.

जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा था अमृतपाल

पुलिस का दावा है कि विदेश में रहने वाला अमृतपाल जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा हुआ था. वह विशेष रूप से अमृतसर क्षेत्र में  व्यक्तियों और व्यापारियों को जबरन वसूली के लिए फोन कर रहा था.

अमृतपाल गुरदासपुर के बटाला जिले के एक गांव का रहने वाला है. उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े कम से कम चार अलग-अलग मामले हैं और सभी मामले गुरदासपुर में दर्ज हैं.

61 विदेशी गैंगस्टरों की तलाश में पुलिस

पंजाब पुलिस वर्तमान में 61 विदेशी गैंगस्टरों की तलाश कर रही है और अमृतपाल सिंह उनमें से एक है. इन गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण में तेजी लाने के लिए पंजाब पुलिस ने एक प्रवासी भगोड़ा ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ (OFTEC) का गठन किया है.  नवंबर में पुलिस ने अमृतपाल के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था और आरोप है कि अमृतपाल ने उन्हें लक्षित हत्याएं करने का काम सौंपा था.