पंजाब: वेटिंग टिकट यात्रियों को बड़ी राहत, रेलवे की नई योजना शुरू

अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन में सीट नहीं मिलने पर यात्री जनरल डिब्बे में सफर करने को मजबूर हो जाते हैं. स्लीपर क्लास की सीट न होने के कारण उनकी यात्रा काफी कठिन हो जाती है. इस दिक्कत को दूर करने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था शुरू की है.

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जालंधर: रेलवे में लंबे समय से वेटिंग टिकट की समस्या यात्रियों को परेशान कर रही थी. अब भारतीय रेलवे ने इस समस्या का आसान समाधान निकाला है. नई योजना के तहत वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. यह योजना खासकर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं.

वेटिंग टिकट यात्रियों को बड़ी राहत

अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन में सीट नहीं मिलने पर यात्री जनरल डिब्बे में सफर करने को मजबूर हो जाते हैं. स्लीपर क्लास की सीट न होने के कारण उनकी यात्रा काफी कठिन हो जाती है. इस दिक्कत को दूर करने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था शुरू की है. अगर मूल ट्रेन में आरक्षित सीट उपलब्ध नहीं है तो यात्री की सहमति से उसे उसी रूट की किसी दूसरी ट्रेन में या उसी ट्रेन की दूसरी तारीख में बिना किसी अतिरिक्त किराए के सीट दे दी जाएगी.

रेलवे की नई योजना शुरू

यह सुविधा सिर्फ IRCTC की वेबसाइट या ऐप के जरिए बुक किए गए टिकटों पर ही लागू होगी. टिकट बुक करते समय यात्रियों को एक नया विकल्प चुनना होगा. इस विकल्प को चुनने पर रेलवे स्वतः वेटिंग टिकट को बेहतर ट्रेन या तारीख में एडजस्ट कर देगा. योजना का मकसद ट्रेनों में खाली पड़ी सीटों का पूरा उपयोग करना है ताकि कोई सीट व्यर्थ न रहे और ज्यादा से ज्यादा यात्री अपनी यात्रा आराम से पूरा कर सकें.


इस नई योजना से यात्रियों को कई फायदे हो रहे हैं. अब उन्हें जनरल डिब्बे में भीड़भाड़ में सफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही रेलवे के संसाधनों का भी बेहतर इस्तेमाल होगा. खाली सीटें बेकार नहीं जाएंगी और प्रतीक्षा सूची में लगे यात्रियों को यात्रा का मौका मिलेगा.

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बसंत कुमार ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे ऑनलाइन टिकट बुक करते समय इस नए विकल्प को जरूर चुनें. उन्होंने कहा कि यह योजना यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है. छोटी-छोटी बातों से यात्रा को आसान बनाया जा सकता है.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल यात्री सेवा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. पहले वेटिंग टिकट वाले यात्री निराश होकर टिकट कैंसल कर देते थे, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी सीट कहीं न कहीं कन्फर्म हो जाएगी.