'प्रशासनिक पद मिलना अंतिम मंजिल नहीं'..., UPSC के सफल अभ्यर्थियों से बोले पंजाब के राज्यपाल, ईमानदारी और सेवा सबसे जरूरी
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने यूपीएससी में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए युवाओं की सोच में सकारात्मक बदलाव जरूरी है.
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने एक सम्मान समारोह में युवाओं को देश निर्माण का संदेश दिया. यूपीएससी परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि केवल नौकरी हासिल करना ही सफलता नहीं है, समाज और देश के लिए जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
युवाओं की सोच से बदलेगा देश
सोहन लाल पाहवा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले सोच में बदलाव जरूरी है. यदि युवा सकारात्मक सोच अपनाएंगे तो समाज और देश दोनों मजबूत होंगे. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के पास ऊर्जा, प्रतिभा और अवसर हैं. जरूरत इस बात की है कि इन क्षमताओं का उपयोग देश और समाज के हित में किया जाए. राज्यपाल ने युवाओं से अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की.
सिर्फ पद नहीं, सेवा भी जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, यह अंतिम मंजिल नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी पद पर पहुंचने के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात ईमानदारी और सेवा भावना होती है. उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने कार्यों के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें. कटारिया ने कहा कि योजनाएं बनाना आसान है लेकिन उन्हें जमीन पर सफल बनाना ही असली चुनौती है. यही जिम्मेदारी आने वाले अधिकारियों और युवाओं की होगी.
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चरित्र और सहयोग से बनेगा मजबूत समाज
अपने संबोधन में राज्यपाल ने नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक प्रगति से देश मजबूत नहीं बनता, बल्कि अच्छे संस्कार और मानवता भी उतनी ही जरूरी हैं. उन्होंने युवाओं को एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने की सीख दी. उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ेगा जब लोग मिलकर काम करेंगे और दूसरों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे. राज्यपाल ने विद्यार्थियों से संघर्षों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में देखने का आग्रह किया और देश सेवा का संकल्प लेने को कहा.