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Punjab OTS Scheme 2025: पंजाब सरकार की वन टाइम सेटलमेंट योजना, 31 अगस्त तक बकाया संपत्ति कर चुकाने का अंतिम मौका

पंजाब सरकार ने संपत्ति मालिकों को एक सुनहरा मौका दिया है. वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत, बकाया संपत्ति कर बिना किसी ब्याज या जुर्माने के 31 अगस्त 2025 तक जमा किया जा सकता है. य

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Edited By: Garima Singh
Punjab OTS Scheme 2025: पंजाब सरकार की वन टाइम सेटलमेंट योजना, 31 अगस्त तक बकाया संपत्ति कर चुकाने का अंतिम मौका
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Punjab OTS Scheme 2025: पंजाब सरकार ने संपत्ति मालिकों को एक सुनहरा मौका दिया है. वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत, बकाया संपत्ति कर बिना किसी ब्याज या जुर्माने के 31 अगस्त 2025 तक जमा किया जा सकता है. यह योजना नागरिकों को राहत देने और उनके वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है, और समय सीमा के बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा.

पंजाब सरकार ने 1 अप्रैल 2025 को शुरू की गई इस योजना को जनता से जबरदस्त समर्थन मिला है. अब तक ₹250 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की जा चुकी है. “हमारा उद्देश्य लोगों को बिना अतिरिक्त बोझ के कर चुकाने का मौका देना है ताकि वे आसानी से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें,” सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा. इस योजना की अवधि को दो बार बढ़ाया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें. संपत्ति कर नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए महत्वपूर्ण राजस्व का स्रोत है. इस राशि से शहरों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, कचरा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे का विकास संभव होता है. सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए शहरी विकास को गति देना है.

31 अगस्त के बाद सख्त कार्रवाई

सरकार ने चेतावनी दी है कि 31 अगस्त 2025 के बाद ओटीएस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. “जिन लोगों ने समय पर कर जमा किया, उनके साथ निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है. इसलिए, समय सीमा के बाद बकाया कर जमा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी,” सरकार ने स्पष्ट किया. आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 1.8 लाख वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों में से 1.1 लाख पर अभी भी ₹580 करोड़ का बकाया है. इसमें से ₹200 करोड़ 13 नगर निगमों की बड़ी संपत्तियों से संबंधित है.

सुविधा केंद्रों की विशेष व्यवस्था

नागरिकों की सुविधा के लिए, सरकार ने सभी सुविधा केंद्रों को 23-24 और 30-31 अगस्त (शनिवार-रविवार) को भी खुला रखने का निर्णय लिया है. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति समय की कमी के कारण बकाया जमा करने से वंचित न रहे. “हम चाहते हैं कि हर व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिले और पंजाब के शहरों का विकास निर्बाध रूप से हो,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा.

शहरी विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी

यह योजना केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है. बकाया कर की वसूली से नगर निगम और परिषदें बेहतर स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा प्रदान कर सकेंगी. सरकार ने संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और 31 अगस्त से पहले अपना बकाया जमा करें. “आइए, मिलकर पंजाब के शहरों को और अधिक विकसित और आधुनिक बनाएं,” सरकार ने अपने संदेश में कहा.