पंजाब के ग्रामीण इलाकों में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब आजादी के दशकों बाद पहली बार कई खेतों तक नहर का पानी पहुंचा. लंबे इंतजार के बाद सिंचाई की सुविधा मिलने से किसानों और ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी. इस उपलब्धि को लेकर लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें सम्मानित कर अपनी खुशी जाहिर की.
आम आदमी पार्टी पंजाब के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, नहर का पानी खेतों तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया. विशेष रूप से बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का फूलों से स्वागत किया और उन्हें दिल से आशीर्वाद दिया. ग्रामीणों का कहना था कि सालों से जिस सुविधा का इंतजार किया जा रहा था, वह अब साकार होती दिखाई दे रही है.
खेती किसानी में पानी सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक माना जाता है. नहर का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं. इससे भूजल पर निर्भरता घटेगी और खेती की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है.
ਆਜ਼ਾਦੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਣ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ 'ਚ ਬਜ਼ੁਰਗ ਨੇ CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦਾ ਫੁੱਲਾਂ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਦਿਲੋਂ ਅਸੀਸਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ pic.twitter.com/7jjBAcwOJq
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 18, 2026Also Read
नहर परियोजना का लाभ मिलने के बाद कई गांवों में खुशी का माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने इसे अपने क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव बताया. बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने सालों तक इस सुविधा का इंतजार किया और अब इसका लाभ अगली पीढ़ियां भी उठा सकेंगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकने में मददगार साबित हो सकती है. इससे कृषि क्षेत्र को स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल दिशा देने में सहायता मिलेगी. साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए कम खर्च करना पड़ेगा.
ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उनके प्रति विश्वास और आभार की भावना का प्रतीक भी था. खेतों तक नहर का पानी पहुंचने से किसानों को नई उम्मीद मिली है और वे इसे कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं. आने वाले समय में इस तरह की पहलें ग्रामीण विकास और कृषि समृद्धि को और मजबूती दे सकती हैं.