पत्नी ने जिंदा जलाने की कोशिश की, फिर भी फैमिली कोर्ट ने सुनाया गुजारा भत्ता देने का आदेश; हाईकोर्ट ने क्या कहा?

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उस पति को राहत दी है, जिसकी पत्नी पर उसे जिंदा जलाने की कोशिश का आरोप है. कोर्ट ने फिलहाल 5,000 रुपये मासिक गुजारा भत्ते के आदेश पर रोक लगाई.

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Kuldeep Sharma

चंड़ीगढ़: पति-पत्नी विवाद से जुड़े एक गंभीर मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है. पत्नी पर अपने पति को ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जलाने की कोशिश का आरोप है. इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. इस फैसले को चुनौती देने पर हाईकोर्ट ने फिलहाल उस आदेश पर रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई अब 25 मई को होगी.

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कहा कि लुधियाना फैमिली कोर्ट के 25 अगस्त 2025 के आदेश पर फिलहाल रोक रहेगी. फैमिली कोर्ट ने पति को अपनी पत्नी को हर महीने 5,000 रुपये देने का निर्देश दिया था. पति ने इस आदेश को अनुचित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने उसे अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर स्टे दे दिया.

फैमिली कोर्ट का आदेश

फैमिली कोर्ट ने पत्नी की ओर से दाखिल गुजारा भत्ता याचिका पर सुनवाई करते हुए पति को मासिक भुगतान करने का निर्देश दिया था. पति का कहना था कि जिस महिला पर उसकी जान लेने की कोशिश का आरोप है, उसे भत्ता देने का आदेश न्यायसंगत नहीं है. इसी आधार पर उसने उच्च अदालत में राहत मांगी. हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आदेश पर तत्काल रोक लगा दी.

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की शादी वर्ष 2019 में हुई थी, लेकिन शुरुआत से ही रिश्तों में तनाव बना रहा. पति की ओर से अदालत को बताया गया कि 13-14 मई की रात जब वह सोने जा रहा था, तभी पत्नी ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया. इस घटना में उसके शरीर का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया. गंभीर हालत में उसे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा.

एक साल फरार रही पत्नी

पति की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि घटना के बाद पत्नी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ था. उसने अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन राहत नहीं मिली. इसके बाद वह एक साल से ज्यादा समय तक फरार रही. पति के वकील ने यह भी दलील दी कि हत्या की कोशिश के मुकदमे में ट्रायल शुरू होने के बाद पत्नी ने मेंटेनेंस याचिका दाखिल की, जिससे सुनवाई प्रभावित हो सके.

अगली सुनवाई कब?

हाईकोर्ट ने फिलहाल सभी तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए गुजारा भत्ते के आदेश पर रोक जारी रखी है. अदालत ने साफ किया कि यह अंतरिम राहत है और अंतिम फैसला विस्तृत सुनवाई के बाद होगा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को तय की गई है. कानूनी हलकों में इस आदेश को वैवाहिक विवाद और आपराधिक आरोपों के बीच संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है.