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पंजाब में जिसे मरा समझकर किया अंतिम संस्कार, वो जेल में जिंदा मिला; 20 दिन पहले परिवार ने पूरी की थी रस्में

पंजाब के कपूरथला में जिस 25 वर्षीय युवक रवि कुमार को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह कपूरथला केंद्रीय जेल में जिंदा मिला.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
पंजाब में जिसे मरा समझकर किया अंतिम संस्कार, वो जेल में जिंदा मिला; 20 दिन पहले परिवार ने पूरी की थी रस्में
Courtesy: AI

कपूरथला में सामने आई घटना ने परिवार और पुलिस दोनों को हैरान कर दिया है. रवि कुमार 5 अगस्त से लापता था. कुछ दिन बाद कांजली रोड के पास एक अज्ञात शव मिला, जिसे परिवार ने कपड़ों के आधार पर रवि का मान लिया. 13 अगस्त को अंतिम संस्कार हुआ और भोग भी कराया गया. उसके बाद जो पता चला उसने सबको चौंका कर रख दिया.

परिवार ने किया अंतिम संस्कार

कादूपुर निवासी रवि कुमार के लापता होने के बाद परिवार कई दिनों तक उसकी तलाश करता रहा. 9 अगस्त को पुलिस को कांजली रोड के पास एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया. हालत खराब होने के कारण चेहरा पहचानना मुश्किल था. इसके बाद रवि के परिजनों को पहचान के लिए बुलाया गया. परिवार ने कपड़ों के आधार पर शव को अपना बेटा बताया. पुलिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया. परिजनों ने 13 अगस्त को रवि समझकर अंतिम संस्कार किया और 15 अगस्त को अंतिम रस्में व भोग भी कर दिया.

जेल से आया फोन तो खुला पूरा राज

मामले में अचानक बड़ा मोड़ तब आया, जब कपूरथला केंद्रीय जेल के एक कर्मचारी ने परिवार को फोन करके बताया कि रवि कुमार जेल में बंद है. पहले परिजनों को इस बात पर भरोसा नहीं हुआ. कर्मचारी ने जब रवि से बात कराने की बात कही तो परिवार जेल पहुंचा. वहां उन्होंने रवि को सामने जिंदा देखा तो उनके होश उड़ गए. पुलिस जांच में पता चला कि रवि 5 अगस्त से ही जेल में था. वहीं अज्ञात शव 9 अगस्त को मिला था. परिवार के मुताबिक रवि ने बताया कि जालंधर पुलिस ने उसे आवारागर्दी के मामले में पकड़ा था और BNSS की धारा 128 के तहत कार्रवाई के बाद उसे जेल भेजा गया था.

अब पुलिस के सामने अज्ञात शव की पहचान चुनौती

रवि के जेल में होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज होने की बात सामने आई है. रिकॉर्ड के मुताबिक कपूरथला और जालंधर सिटी से जुड़ी DDR एंट्रियां भी मौजूद हैं. इसके बावजूद परिवार ने शव की पहचान रवि के रूप में कैसे की, यह जांच का अहम सवाल बन गया है. पुलिस यह पता लगा रही है कि केवल कपड़ों के आधार पर पहचान क्यों स्वीकार की गई और पहचान की पुष्टि के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ. साथ ही 9 अगस्त को मिला शव आखिर किस युवक का था और वह कांजली रोड तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच जारी है. DSP शीतल सिंह ने कहा कि लापरवाही के स्तर की जांच होगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. जेल सुपरिंटेंडेंट श्यामल ज्योति ने भी मामले की जानकारी लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है.