मध्य प्रदेश के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'बिट्टू तबाही' के नाम से जाना जाता है, ने अजनार नदी को साफ करने का बीड़ा अकेले उठाया. उन्होंने कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद भारी मात्रा में प्लास्टिक और कचरा निकालकर नदी का कायाकल्प कर दिया.
सुरेंद्र ने यह सफाई अभियान किसी सरकारी सहायता या एनजीओ के बिना शुरू किया था. वह अपने पैसों से जरूरी सामान खरीदते और अकेले ही नदी में उतरकर सफाई में जुट जाते. उनके इस प्रयास ने साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति से एक व्यक्ति भी बड़ा बदलाव ला सकता है.
#WATCH | Rajgarh, Madhya Pradesh: Drone visuals show the changing face of the Ajnar River in Biaora, after 21-year-old https://t.co/j5uUgYTay8. student Surendra Singh Chaudhary, aka 'Bittu Tabahi', launched a single-handed cleanup campaign. https://t.co/faF9YHbqis pic.twitter.com/e8pHmnaUJD
— ANI (@ANI) September 5, 2026
सुरेंद्र ने इंस्टाग्राम पर नदी की पुरानी और नई तस्वीरें शेयर कीं. पहली तस्वीर में नदी पूरी तरह प्लास्टिक और कचरे से पटी दिख रही थी, जबकि दूसरी तस्वीर में साफ-सुथरा पानी नजर आ रहा था. इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिली.
समुद्र और नदियों से प्लास्टिक कचरा हटाने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था 'द ओशन क्लीनअप' के डच सीईओ बोयान स्लैट की नजर जब सुरेंद्र के काम पर पड़ी, तो वह काफी प्रभावित हुए. उन्होंने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र को आमंत्रित करते हुए लिखा, "हमारे साथ आकर काम करो."
A 20 year old Indian man, Surendra Singh Choudhry, known as “Bittu Tabahi,” has been cleaning the heavily polluted Ajnar River himself for months pic.twitter.com/U7N4BkItkf
— non aesthetic things (@PicturesFoIder) September 4, 2026
एक युवा की अपने गांव की नदी को बचाने की व्यक्तिगत कोशिश अब एक वैश्विक अवसर में बदल चुकी है. पर्यावरण के प्रति सुरेंद्र के इस समर्पण को अब दुनिया भर में सराहा जा रहा है.