लॉरेंस बिश्नोई को भारत से अमेरिका ले जाने की तैयारी, निज्जर मर्डर केस में गोल्डी बराड़ संग नाम आने के बाद US एजेंसियां अलर्ट
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की संयुक्त कार्रवाई के बाद लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग पर दबाव बढ़ गया है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग एक बार फिर चर्चा में हैं. अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब अमेरिका भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करने की तैयारी कर रहा है.
ऑपरेशन के बाद गैंग पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में संयुक्त अभियान चलाकर 24 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि इन लोगों के संबंध भारत से जुड़े संगठित अपराध गिरोहों से हैं. इस कार्रवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का नाम भी प्रमुख रूप से सामने आया. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों पर 2023 में कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. इसी मामले को लेकर अमेरिका अब कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने की तैयारी में है और भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है.
प्रत्यर्पण की तैयारी
कनाडा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बयान दिया है कि अमेरिका, लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए भारत से प्रत्यर्पण की मांग करने की दिशा में काम कर रहा है. अमेरिकी जांच एजेंसियों ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ दोनों को इस मामले में आरोपी बताया है. हालांकि, कनाडा के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान भारत सरकार के किसी अधिकारी की भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला है. फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बंद है. वहीं गोल्डी बराड़ अब भी फरार बताया जा रहा है. जांच एजेंसियां दोनों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
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पंजाब से शुरू हुआ सफर
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ था. कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति के दौरान उसका नाम पहली बार अपराध की दुनिया से जुड़ा. बाद में उसका नेटवर्क लगातार बढ़ता गया. जेल में रहने के बावजूद उसके गिरोह का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आया, जिनमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला भी शामिल है. जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग की गतिविधियां भारत के अलावा कनाडा और दूसरे देशों तक फैली हुई हैं. पिछले वर्ष कनाडा ने बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल किया था.