UP Amrit Sarovar Scheme: पूरे देश में चमका उत्तर प्रदेश, योगी सरकार ने रिकॉर्ड तोड़ बनाए करीब 20 हजार अमृत सरोवर

उत्तर प्रदेश ने अमृत सरोवर योजना के तहत 19,989 तालाबों का निर्माण और पुनरुद्धार कर देश में पहला स्थान हासिल किया है.

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Ashutosh Rai

जल संरक्षण को बढ़ावा देने और गांवों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए चलाई जा रही अमृत सरोवर योजना में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राज्य में हजारों तालाब तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों, ग्रामीणों और पर्यावरण को एक साथ फायदा मिल रहा है.

अमृत सरोवर योजना में उत्तर प्रदेश ने बनाई नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार की अमृत सरोवर योजना और अमृत सरोवर योजना 2.0 के तहत देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 19,989 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुराने तालाबों का पुनरुद्धार पूरा किया जा चुका है. इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है. इन सरोवरों का उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित रखना, भूजल स्तर को बेहतर बनाना और गांवों में पानी की उपलब्धता बढ़ाना है. योजना के जरिए जल संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर भी तैयार हुए हैं.

किसानों को मिल रहा सीधा फायदा

प्रदेश में अमृत सरोवर निर्माण की बात करें तो हरदोई जिला सबसे आगे है, जहां 1,202 सरोवर तैयार किए गए हैं. इसके बाद आजमगढ़ में 797, गोरखपुर में 734, महराजगंज में 726 और प्रयागराज में 638 अमृत सरोवर बनाए गए हैं. इन तालाबों से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिल रहा है, जिससे खेती आसान हो रही है. वर्षा का पानी जमा होने से भूजल स्तर भी बेहतर होने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि यह योजना केवल तालाब बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या कम करने और खेती को मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम कदम है.


हरियाली, रोजगार और विकास को मिला बढ़ावा

सरकार ने अमृत सरोवरों को गांवों के विकास का केंद्र बनाने पर भी ध्यान दिया है. प्रत्येक सरोवर के आसपास पैदल रास्ते, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है, जिससे गांवों का वातावरण पहले से बेहतर हुआ है. योजना के कई काम मनरेगा से जुड़े होने के कारण ग्रामीण लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी मिले हैं. तालाबों की खुदाई, सफाई और सुंदरीकरण में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है. ग्राम्य विकास विभाग का मानना है कि जल संरक्षण, रोजगार, पर्यावरण सुधार और कृषि को एक साथ जोड़ने वाली यह योजना दूसरे राज्यों के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आई है.