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एक मां का दर्द शब्दों में नहीं…’, हवारा की बीमार मां से मिले विधायक, पैरोल पर कही बड़ी बात

फतेहगढ़ साहिब के हवारा कलां गांव में विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने जगतार सिंह हवारा की बीमार मां नरिंदर कौर से मुलाकात की. उन्होंने हवारा को मां की देखभाल के लिए पैरोल देने की मांग का समर्थन किया. पंजाब सरकार भी केंद्र से पैरोल की मांग कर चुकी है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
एक मां का दर्द शब्दों में नहीं…’, हवारा की बीमार मां से मिले विधायक, पैरोल पर कही बड़ी बात
Courtesy: Social Media

फतेहगढ़ साहिब जिले की खमानों तहसील के हवारा कलां गांव में आम आदमी पार्टी के श्री चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह पहुंचे. उन्होंने जेल में बंद जगतार सिंह हवारा की बुजुर्ग और बीमार मां नरिंदर कौर से मुलाकात कर उनका हाल जाना. मां की नाजुक हालत को देखते हुए विधायक ने भावुक होकर कहा कि बेटे से मिलने की एक मां की इच्छा और उसका दर्द शब्दों में बताना आसान नहीं है. उन्होंने हवारा को पैरोल दिए जाने की मांग का समर्थन किया.

मां से मिलने पहुंचे विधायक

डॉ. चरणजीत सिंह ने नरिंदर कौर से मुलाकात के दौरान उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इस उम्र में बेटे से मिलने की मां की इच्छा स्वाभाविक है. विधायक ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल से मुलाकात के साथ केंद्र सरकार को पत्र भेजकर हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल देने की मांग की है. उनका कहना है कि मानवीय आधार पर हवारा को अपनी बीमार मां के पास रहने का अवसर मिलना चाहिए.

विधानसभा में भी उठा मामला

जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा पंजाब विधानसभा के मौजूदा सत्र में भी उठ चुका है. विधायक ने कहा कि मानवता और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर सकारात्मक फैसला होना चाहिए. उन्होंने नरिंदर कौर के बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की. हवारा फिलहाल दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहा है.

बेअंत सिंह हत्याकांड में सजा

जगतार सिंह हवारा को 1995 में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था. निचली अदालत ने 2007 में उसे फांसी की सजा सुनाई थी. बाद में अक्टूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस सजा को उम्रकैद में बदल दिया. हवारा पहले वॉलीबॉल का खिलाड़ी भी रह चुका है.

1995 के धमाके में 17 लोगों की मौत

31 अगस्त 1995 को पंजाब और हरियाणा सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी. इस हमले को दिलावर सिंह ने मानव बम के रूप में अंजाम दिया था. मामले में जगतार सिंह हवारा और बलवंत सिंह राजोआणा को प्रमुख साजिशकर्ता माना गया. अब हवारा की मां की खराब सेहत के बीच पैरोल की मांग फिर चर्चा में है.