लुधियाना नगर निगम में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है. पंजाब सरकार द्वारा नियुक्त आईएएस अधिकारी ओजस्वी ने सोमवार को नए नगर निगम कमिश्नर के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली. पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर से जुड़े अहम मुद्दों की समीक्षा शुरू कर दी.
नए कमिश्नर ओजस्वी ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की. इस बैठक में शहर के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. साथ ही शहर में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई. बैठक में यह भी तय किया गया कि लंबित कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
बैठक के दौरान ओजस्वी ने शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि नगर निगम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नागरिकों को साफ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है. इसके अलावा सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए. अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान करने को कहा गया. नगर निगम प्रशासन का मानना है कि नई कार्यशैली से शहर के विकास कार्यों में गति आएगी और लोगों को सीधे लाभ मिलेगा.
ओजस्वी इससे पहले ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कार्य कर चुके हैं. प्रशासनिक अनुभव के कारण उनसे बेहतर प्रबंधन और तेज फैसलों की उम्मीद की जा रही है. नगर निगम में उनकी नियुक्ति के बाद कई विभागों की कार्यप्रणाली में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर नए कदम उठाए जा सकते हैं. नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है.