गुरदासपुर में गैंगस्टर बूरी समेत 5 गिरफ्तार, ड्रोन से आए हथियारों का खुलासा; 6 पिस्तौल और 49 कारतूस बरामद
गुरदासपुर पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के साथ कार्रवाई करते हुए सीमा पार से हथियार मंगाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से छह पिस्तौल और 49 जिंदा कारतूस बरामद हुए.
पंजाब के गुरदासपुर में पुलिस ने हथियार तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात गैंगस्टर बलराज सिंह उर्फ बूरी समेत पांच आरोपियों को पकड़ा गया. पुलिस ने इनके कब्जे से छह पिस्तौल, 49 कारतूस और हथियारों की सप्लाई में इस्तेमाल महिंद्रा स्कॉर्पियो बरामद की है.
सीमा पार से ड्रोन के जरिए पहुंचाए गए हथियार
गुरदासपुर पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद हथियार ड्रोन के जरिए सीमा पार पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाए गए थे. आरोपियों के पास से 9 एमएम बेरेटा और 9 एमएम ग्लॉक समेत कुल छह पिस्तौल, मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस मिले हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों की खेप किस नेटवर्क के जरिए आगे पहुंचाई जानी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.
बूरी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलराज सिंह उर्फ बूरी निवासी बसंतकोट, सुखविंदर सिंह उर्फ सुख्खा निवासी अलूणा, करण कुमार निवासी भौंपुर अफगाना, अमरीक सिंह उर्फ सोनू निवासी जोरियां कलां और मनजिंदर सिंह उर्फ मंगू निवासी उप्पल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार बलराज सिंह एक कुख्यात अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 26 मामले दर्ज हैं.
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पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
एसएसपी आदित्य के अनुसार, पुलिस को गिरोह के बारे में सटीक सूचना मिली थी. इसके बाद स्पेशल ब्रांच गुरदासपुर, थाना दोरांगला और थाना बहिरामपुर की संयुक्त टीमों ने गांव नूरपुर थेह चौक के पास निगरानी शुरू की. इसी दौरान एक संदिग्ध महिंद्रा स्कॉर्पियो नजर आई. पुलिस टीम को देखते ही उसमें सवार लोगों ने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा करते हुए घेराबंदी की और कलानौर थाना क्षेत्र में वाहन को रोककर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
नेटवर्क और पिछली खेपों की जांच जारी
पुलिस ने स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है. शुरुआती जांच में इसे हथियारों की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के दूसरे संपर्कों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. इसके साथ ही आरोपियों के वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और इससे पहले भेजी गई हथियारों की खेपों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरोह का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है.