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सरकार का बड़ा फैसला, पंजाब के सरकारी अस्पतालों में अब मिलेंगी MRI और CT स्कैन की सुविधाएं

वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में इन महंगी मशीनों की कमी के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता था. वहां एक MRI की जांच तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च हो जाती थी. गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह बोझ बहुत भारी होता था.

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Edited By: Antima Pal
सरकार का बड़ा फैसला, पंजाब के सरकारी अस्पतालों में अब मिलेंगी MRI और CT स्कैन की सुविधाएं
Courtesy: X

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने आम लोगों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है. अब सभी 23 जिला अस्पतालों और कुछ उपमंडल अस्पतालों में MRI, CT स्कैन जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं शुरू की जाएंगी. इस फैसले से मरीजों को महंगे निजी लैब्स में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अपने जिले में ही सस्ते दामों पर जांच हो सकेगी.

सरकार का बड़ा फैसला

वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में इन महंगी मशीनों की कमी के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता था. वहां एक MRI की जांच तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च हो जाती थी. गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह बोझ बहुत भारी होता था. कई बार आर्थिक तंगी के कारण मरीज समय पर जांच नहीं करा पाते थे. नतीजतन छोटी बीमारी भी गंभीर रूप ले लेती थी. इलाज में देरी होती थी और मरीजों का समय भी बर्बाद होता था.

सरकारी अस्पतालों में अब मिलेंगी MRI और CT स्कैन की सुविधाएं

नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग ने एक अच्छा मॉडल चुना है. निजी कंपनियां सरकारी अस्पतालों में अपनी मशीनें लगाएंगी और उनका संचालन भी करेंगी. मरीजों को सरकार द्वारा तय की गई रियायती दरों पर जांच की सुविधा मिलेगी. इससे मरीजों का खर्च काफी कम हो जाएगा. सरकार पर भी एक साथ बड़ी राशि खर्च करने का बोझ नहीं पड़ेगा.

लोगों को कितनी राहत मिलेगी?

जिला अस्पताल में ही MRI, CT स्कैन, अल्ट्रासाउंड और अन्य उन्नत जांच उपलब्ध होंगी.

रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज में देरी नहीं होगी.

गरीब मरीजों को सस्ती जांच मिलने से बीमारी का समय पर पता चल सकेगा.

महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे आसानी से जांच करा सकेंगे.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि यह कदम पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों ताकि लोगों को चंडीगढ़, लुधियाना या अमृतसर जैसे बड़े शहरों की ओर न भागना पड़े.

जिला अस्पतालों में काम शुरू हो चुका है. जल्द ही कुछ उपमंडल अस्पतालों में भी ये सुविधाएं शुरू हो जाएंगी. स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से मशीनों की स्थिति, साफ-सफाई और मरीजों की संतुष्टि की जांच करेगी. यह फैसला उन लाखों मरीजों के लिए वरदान साबित होगा जो रोज सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आते हैं. अब जांच के लिए निजी लैब के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी. समय और पैसे दोनों की बचत होगी.