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Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ का कहर, स्कूल-कॉलेज बंद, 30 लोगों की मौत; जानें क्यों आई राज्य में ये भयंकर आफत

पंजाब में बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए, सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को 7 सितंबर 2025 तक बंद रखने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने यह घोषणा की. यह फैसला छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.

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Edited By: Princy Sharma
Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ का कहर, स्कूल-कॉलेज बंद, 30 लोगों की मौत; जानें क्यों आई राज्य में ये भयंकर आफत
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Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसकी वजह से सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को घोषणा की कि पंजाब के सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलिटेक्निक संस्थान अब 7 सितंबर 2025 तक बंद रहेंगे. 

यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सीधे निर्देश पर लिया गया है ताकि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.सरकार ने पहले 3 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की थी , लेकिन बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए इसे आगे बढ़ाना पड़ा. शिक्षा मंत्री बैंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पहले ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए सभी से स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है.

बाढ़ का कारण और भयंकर तबाही

पंजाब में आई इस भयानक बाढ़ की मुख्य वजह हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई मूसलाधार बारिश है. इन पहाड़ी राज्यों में हुई भारी बारिश के कारण सतलुज , ब्यास और रावी जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इन नदियों का पानी पंजाब के मैदानी इलाकों में घुस गया है , जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है. इसके अलावा , पंजाब में हुई स्थानीय बारिश ने भी इस संकट को और बढ़ा दिया है.

इस बाढ़ ने पूरे राज्य में भारी तबाही मचाई है. अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है , जबकि 50 लाख से ज्यादा लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. हजारों घर और फसलें पानी में डूब गए हैं , जिससे किसानों और आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सरकार और राहत दल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं. हालांकि , पानी का स्तर लगातार बढ़ने से बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं. इस आपदा ने पंजाब के सामान्य जीवन को बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है.