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रेलवे अफसर बनकर करता रहा ऐश, फिर ऐसे खुली फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर की पोल

जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी कई महीनों से फर्जी पहचान के सहारे रेलवे कर्मचारियों पर प्रभाव जमाकर सुविधाओं का लाभ उठा रहा था.

KanhaiyaaZee
रेलवे अफसर बनकर करता रहा ऐश, फिर ऐसे खुली फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर की पोल
Courtesy: Pinterest

जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जो लंबे समय से खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर अधिकारियों और कर्मचारियों को गुमराह कर रहा था. आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रेलवे व्यवस्था का फायदा उठा रहा था. मामले के खुलासे के बाद रेलवे विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जावेद अली पिछले करीब छह महीनों से फिरोजपुर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खुद को विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर घूम रहा था. वह इस पहचान का इस्तेमाल कर रेलवे कर्मचारियों पर दबाव बनाता था और खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर विशेष सुविधाएं हासिल करता था. उसकी गतिविधियों ने कई कर्मचारियों को प्रभावित किया, जिससे उस पर आसानी से विश्वास कर लिया जाता था.

मुफ्त यात्रा और वीआईपी सुविधा का लाभ

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई बार एसी कोचों में बिना किराया दिए यात्रा करता था. वह रेलवे स्टाफ से विशेष व्यवहार की अपेक्षा रखता था और खुद को निरीक्षण पर निकला अधिकारी बताता था. कई मौकों पर वह चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेनों, बुकिंग कार्यालयों और रेलवे परिसरों में भी पहुंच जाता था, जिससे उसके दावों पर किसी को संदेह नहीं होता था.

संदेह के बाद खुली सच्चाई

हाल ही में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर आरोपी की गतिविधियां कर्मचारियों को संदिग्ध लगीं. बताया जाता है कि वह चेकिंग स्टाफ पर अधिकार जताने की कोशिश कर रहा था. सूचना मिलने पर कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और उससे आधिकारिक पहचान पत्र दिखाने को कहा. जब वह वैध आईडी प्रस्तुत नहीं कर सका, तब उसका पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया.

जीआरपी और आरपीएफ ने किया गिरफ्तार

फर्जी पहचान की पुष्टि होते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया. उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का उपयोग और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उसने अब तक कितने लोगों को गुमराह किया.

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जावेद अली का आपराधिक इतिहास पहले से मौजूद है. करीब एक वर्ष पहले वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर लोगों को भ्रमित करने के आरोप में पकड़ा गया था. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अधिकारी की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें और संदेह होने पर तुरंत रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दें.