जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले स्थित नकोदर नगर परिषद में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव ने स्थानीय राजनीति की दिशा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है. विधायक इंदरजीत कौर मान के नेतृत्व में पार्टी उम्मीदवार प्रदीप शेरपुर को परिषद का नया अध्यक्ष चुना गया. चुनाव परिणामों ने न केवल आप की संगठनात्मक ताकत को उजागर किया है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
नगर परिषद में कुल 17 पार्षद हैं. अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रदीप शेरपुर को आम आदमी पार्टी के सात पार्षदों के अलावा दो निर्दलीय और दो बसपा पार्षदों का समर्थन मिला. इस तरह उन्हें कुल 11 वोट प्राप्त हुए. दूसरी ओर कांग्रेस के पास केवल चार पार्षदों का समर्थन था. भाजपा पार्षदों ने मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी.
नगर परिषद के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी आप समर्थित उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की. अश्विनी कोहली को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया, जबकि बसपा के विजय मधास उपाध्यक्ष बने. इन परिणामों ने परिषद में आप और उसके सहयोगियों की मजबूत स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है. राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे स्थानीय स्तर पर बदलते समीकरणों का संकेत मान रहे हैं.
नकोदर क्षेत्र में विधायक इंदरजीत कौर मान का प्रभाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है. पंचायत चुनावों से लेकर ब्लॉक समिति, जिला परिषद और नगर परिषदों तक उनके नेतृत्व में पार्टी को लगातार सफलता मिल रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हालिया परिणामों ने क्षेत्र में उनकी पकड़ को और मजबूत किया है.
बिलगा, नूरमहल और नकोदर तीनों नगर परिषदों में अध्यक्ष पद अब आम आदमी पार्टी के पास है. इसके अलावा जिला परिषद स्तर पर भी पार्टी समर्थित नेतृत्व मजबूत हुआ है. हाल के महीनों में विपक्षी दलों के कई स्थानीय नेता भी आप में शामिल हुए हैं, जिससे संगठन का आधार लगातार विस्तृत हो रहा है.
नकोदर के चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए चिंताजनक माने जा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लगातार कमजोर प्रदर्शन ने पार्टी की स्थिति को प्रभावित किया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले चुनावों में कांग्रेस के लिए मुकाबला और कठिन हो सकता है. वहीं आम आदमी पार्टी इन नतीजों को जनता के विश्वास का प्रमाण बता रही है.