चंडीगढ़: पंजाब के अमृतसर में श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार रात संदिग्ध उड़ती वस्तुएं दिखाई देने के बाद हड़कंप मच गया. रात करीब 10 बजे ऑपरेशनल एरिया में दो से चार ड्रोन जैसी चीजें नजर आईं. रनवे के आसपास गतिविधि दिखने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अलर्ट जारी किया. सुरक्षा को देखते हुए अमृतसर आने वाली सात उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ भेज दिया गया. हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने अभी इन वस्तुओं के ड्रोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
जानकारी के मुताबिक, उड़ती हुई संदिग्ध वस्तुएं गांव रुडाला की दिशा से एयरपोर्ट की ओर आती दिखाई दीं. कुछ समय तक ये रनवे और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्से में मंडराती रहीं. घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ, पंजाब पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया. इसके बाद रुडाला गांव और एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया.
संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद तकनीकी टीमों ने एयरपोर्ट के रडार सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. एयरपोर्ट प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आसमान में दिखाई देने वाली वस्तुएं वास्तव में ड्रोन थीं या कुछ और. जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
घटना के बाद अमृतसर आने वाली सात उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया. मलेशिया एयरलाइंस की MH-118 को दिल्ली भेजा गया. इंडिगो की मुंबई-अमृतसर और दिल्ली-अमृतसर उड़ानों को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया. एअर इंडिया की AI-479 और AI-855 को दिल्ली वापस भेजा गया. इंडिगो की शारजाह-अमृतसर उड़ान और एअर इंडिया एक्सप्रेस की IX-138 को भी दिल्ली डायवर्ट किया गया.
अमृतसर एयरपोर्ट पर इस साल संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की यह दूसरी घटना बताई जा रही है. इससे पहले 5 फरवरी की रात करीब 8.42 बजे ड्रोन जैसी हलचल दिखाई देने के बाद एयरपोर्ट पर विमान संचालन लगभग एक घंटे के लिए रोक दिया गया था. उस समय दो उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा था. पाकिस्तान सीमा से नजदीकी के कारण अमृतसर को संवेदनशील इलाका माना जाता है और यहां सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
अमृतसर की भौगोलिक स्थिति सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण यहां हवाई क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पंजाब के अमृतसर, फिरोजपुर और जालंधर को निशाना बनाकर ड्रोन हमले की कोशिश की गई थी, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम किया था. मौजूदा मामले में एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं.