पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रूपनगर में आयोजित 'इक शाम भगवान शिव दे नाम' भजन संध्या में शामिल होकर सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान आपसी भाईचारे से है. साथ ही महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया.
रूपनगर में आयोजित 'इक शाम भगवान शिव दे नाम' भजन संध्या में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब हमेशा से प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान की धरती रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग हर धर्म और हर समुदाय के त्योहार मिलकर मनाते हैं. यही परंपरा पंजाब की असली पहचान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां नफरत फैलाने की कोशिशें कभी सफल नहीं हो सकतीं, क्योंकि पंजाब के लोगों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि राज्य की इस परंपरा को आगे भी मजबूत बनाए रखें और समाज में एकता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं के लिए चल रही सरकार की योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से नई पंजीकृत 40 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलनी शुरू होगी. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक सीधा लाभ पहुंचाना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के पैसे को जनता के हित में खर्च कर रही है और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को सीधा फायदा दिया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी आम लोगों के लिए ऐसी योजनाएं जारी रहेंगी ताकि हर वर्ग को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था का विषय नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने का भी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों के बीच प्रेम और विश्वास को मजबूत बनाते हैं. उन्होंने दोहराया कि पंजाब में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और यही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी लगातार काम कर रही है. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के संबोधन का स्वागत किया.