चंडीगढ़ में पुलिस ने एक संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है. सेक्टर 43 बस स्टैंड के पास से संदिग्ध IED और उससे जुड़े कई सामान बरामद किए गए हैं. इस मामले में पुलिस स्टेशन 36 में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में चंडीगढ़ में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की कथित योजना सामने आई है. मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्ध पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिलों के रहने वाले हैं. पुलिस ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुरक्षा और रोकथाम के कदम उठाए जा रहे हैं.
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक 22 अगस्त 2026 को BKI से जुड़े संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को लेकर विशेष खुफिया जानकारी मिली थी. इसी सूचना के आधार पर पुलिस स्टेशन 36 में Explosive Substances Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और उनके संपर्क में कौन कौन लोग थे.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में तरनतारन जिले के सरहाली गांव का 19 वर्षीय लवप्रीत सिंह, देवबाथ गांव का 21 वर्षीय जसनप्रीत सिंह उर्फ जसनदीप और अमृतसर जिले के तरसिक्का गांव का 19 वर्षीय प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ शामिल हैं. पुलिस ने तीनों को खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा. जांच एजेंसियां अब उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और दूसरे डिजिटल तथा भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से संदिग्ध विस्फोटक सामग्री के साथ हथियार भी बरामद किए गए हैं. बरामद सामान में जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, पावर सोर्स और रिमोट से संचालित सिस्टम शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस ने एक पिस्टल, एक मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. पुलिस ने सभी बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. विस्फोटक सामग्री और दूसरे सामान की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपियों के संपर्क में विदेश में मौजूद BKI से जुड़े हैंडलर सतनाम उर्फ सत्ता नौशेरा के होने की जानकारी मिली है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर उसके निर्देश पर काम किया और चंडीगढ़ में दहशत फैलाने के लिए IED लगाने की योजना बनाई थी. हालांकि जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को विस्फोटक सामग्री और हथियार कहां से मिले और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं.