महाराष्ट्र के नागपुर में क्लोरीन गैस लीक होने की घटना से लोगों में दहशत फैल गई है. गोधिनी इलाके में स्थित वॉटर प्यूरीफिकेशन प्लांट से सोमवार देर रात गैस लीक होने की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया. गैस लीक की वजह से आसपास रहने वाले कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी. अधिकारियों के मुताबिक करीब 35 से 40 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. इनमें कुछ लोगों की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया.
अधिकारियों के अनुसार रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर गैस लीक होने की सूचना मिली. इसके बाद संबंधित विभागों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. यह प्लांट महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधीन बताया जा रहा है और गोंडी नगर पंचायत क्षेत्र में आता है. मौके पर पहुंचने के बाद प्रशासन ने आसपास के इलाके को सुरक्षित करने के लिए लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई. गैस की वजह से सांस लेने में परेशानी की शिकायत करने वाले लोगों को तुरंत अस्पताल भेजा गया. अधिकारियों के मुताबिक करीब 40 लोगों का इलाज चल रहा था, जबकि 12 लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
Nagpur, Maharashtra: A chlorine gas leak at the Godhani Nagar Panchayat water purification plant in Nagpur left around 40 people with breathing difficulties. Eight to 10 plant employees and 20 to 25 local residents were hospitalized, with four to five admitted to the ICU. Fire… pic.twitter.com/XAEZX4F4Wu
— IANS (@ians_india) August 24, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्लांट के आसपास करीब 200 मीटर के दायरे को खाली करा दिया. लोगों को प्रभावित क्षेत्र से बाहर जाने की सलाह दी गई. बचाव अभियान में पुलिस के साथ नागपुर नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को भी शामिल किया गया. अधिकारियों ने इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी. NDRF की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर गैस रिसाव को नियंत्रित करने में मदद की.
इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर के अनुसार गैस लीक को करीब 90 प्रतिशत तक रोक दिया गया था. उन्होंने बताया कि करीब 40 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जबकि 12 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी थी. अधिकारी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की. प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि प्रभावित इलाके में अभी भी लोगों की आवाजाही पर रोक रखी गई है.