menu-icon
India Daily

लाइसेंस बंद, लेकिन ऐप चालू! Chandigarh में Cab Booking को लेकर मचा बवाल, ड्राइवरों ने प्रशासन से पूछा- गलती किसकी?

चंडीगढ़ में ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी ऐप से बुकिंग जारी रहने का आरोप है. कैब चालक संघ ने प्रशासन से तकनीकी रोक और जिम्मेदारी तय करने की मांग की.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
लाइसेंस बंद, लेकिन ऐप चालू! Chandigarh में Cab Booking को लेकर मचा बवाल, ड्राइवरों ने प्रशासन से पूछा- गलती किसकी?
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़ में कैब सेवाओं को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद इन प्लेटफॉर्म के जरिए शहर में सवारियां मिलने और उन्हें लेने की शिकायत सामने आई है. ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ ने इस मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को ज्ञापन सौंपा है. संघ ने मांग की है कि ऐप के जरिए होने वाली ऐसी बुकिंग पर तकनीकी रूप से तत्काल रोक लगाई जाए.

निलंबन के बाद भी कैसे हो रही बुकिंग

संघ ने प्रशासन से पूछा है कि अगर संबंधित कंपनियों को चंडीगढ़ में सेवा देने की अनुमति नहीं है, तो उनके ऐप शहर की सीमा में सवारी स्वीकार कैसे कर रहे हैं. संगठन का कहना है कि ऐप पर बुकिंग उपलब्ध होने के कारण चालक यात्रियों को लेने पहुंच रहे हैं. इसके बाद नियमों के उल्लंघन के आरोप में चालकों के चालान किए जा रहे हैं.

चालकों पर कार्रवाई को लेकर सवाल

ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ का कहना है कि ऐप पर यात्रा का विकल्प कंपनी की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा है. ऐसे में केवल चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है. संघ के अध्यक्ष वरदीप सिंह ने कहा कि पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चंडीगढ़ में बुकिंग बंद होनी चाहिए, उसके बाद ही चालक के स्तर पर किसी उल्लंघन की जांच की जानी चाहिए.

तकनीकी व्यवस्था लागू करने की मांग

संघ ने प्रशासन से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सेमीट की मदद लेने की मांग की है. संगठन के मुताबिक भू-घेराबंदी और लोकेशन आधारित तकनीक के जरिये निलंबित कंपनियों के ऐप को चंडीगढ़ सीमा के भीतर सवारी स्वीकार करने से रोका जा सकता है. इससे ऐप से मिलने वाली यात्राओं के कारण चालकों के शहर में प्रवेश करने की स्थिति भी खत्म होगी.

कई अधिकारियों को भेजी ज्ञापन की प्रतियां

संघ ने अपना ज्ञापन राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को सौंपा है. इसकी प्रतियां वित्त-सह-परिवहन सचिव, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, प्रशासक गुलाबचंद कटारिया, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक और सेमीट प्रमुख को भी भेजी गई हैं. संघ ने प्रशासन से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है.

पहले भी उठाया जा चुका है मुद्दा

संघ के अनुसार, वह इस विषय में प्रशासन को पहले कानूनी नोटिस भी दे चुका है. संगठन लगातार ऐप आधारित बुकिंग और चालकों के चालान का मुद्दा उठा रहा है. संघ को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द तकनीकी समाधान लागू करेगा, ताकि निलंबित सेवाओं के ऐप से चंडीगढ़ में बुकिंग और पिकअप पर रोक लगे और चालकों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत मिल सके.