चंडीगढ़: फिरोजपुर में सीमा पार से नशे की तस्करी की एक बड़ी कोशिश सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दी. गजनीवाला गांव के खेतों में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन और आइस ड्रग मिली. अधिकारियों के मुताबिक, बरामद खेप पाकिस्तान से सतलुज नदी के रास्ते भारत पहुंचने की आशंका है. खेत में छिपाकर रखे गए नशीले पदार्थों को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.
काउंटर इंटेलिजेंस फिरोजपुर को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान से नशे की बड़ी खेप भारत पहुंच चुकी है. जानकारी के आधार पर सीआई और बीएसएफ की टीम ने गजनीवाला गांव के खेतों में घेराबंदी की. इसके बाद आसपास के इलाके में बारीकी से तलाशी ली गई. इसी दौरान टीम को खेत में छिपाकर रखी गई संदिग्ध खेप मिली.
तलाशी के दौरान कुल 44.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई. इसके अलावा तीन किलोग्राम आइस ड्रग भी मिली. हेरोइन 46 पैकेट में रखी गई थी और इन पर लाल रंग की टेप लगी थी. वहीं आइस ड्रग तीन पैकेटों में मिली, जिन्हें पीली टेप से लपेटा गया था. इतनी बड़ी बरामदगी से सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े हुए हैं.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नशीले पदार्थों की यह खेप पाकिस्तान से सतलुज नदी के रास्ते भारत लाई गई हो सकती है. इसके बाद इसे गजनीवाला गांव के खेतों में छिपा दिया गया था. हालांकि, खेप भारत तक किस तरीके से पहुंची और इसे यहां किसके हवाले किया जाना था, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
पुलिस ने इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, फाजिल्का में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. जांच एजेंसियां अब बरामद नशे के पीछे सक्रिय लोगों की पहचान में जुटी हैं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खेप को भारत में किसने हासिल किया और इसके आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था.
जांच का दायरा अब स्थानीय तस्करों से लेकर सीमा पार बैठे संभावित हैंडलरों तक बढ़ाया गया है. पुलिस और बीएसएफ गांव के आसपास लगातार छानबीन कर रही हैं. संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ना है, ताकि नशे की इस खेप को भारत भेजने वाले लोगों तक पहुंचा जा सके.