इटली की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के समय से पहले आम चुनाव कराने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं. रिपोर्टों के अनुसार मेलोनी को आशंका है कि यदि चुनाव तय समय तक टाले गए तो उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ कमजोर हो सकती है. ऐसे में अगले आम चुनाव 2027 के बजाय पहले कराए जाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है. इस बीच विपक्षी दलों और राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी इटली के राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मेलोनी ने संभावित समयपूर्व चुनाव को लेकर राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला के कार्यालय से भी बातचीत की है. इटली में संसद भंग करने और नए चुनाव घोषित करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास होता है. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा लगातार जारी है. माना जा रहा है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल दिखीं तो अगले वर्ष अप्रैल में चुनाव कराए जा सकते हैं. इस संभावना ने सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों की रणनीतियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है.
मार्च में न्यायिक सुधार से जुड़े जनमत संग्रह की असफलता के बाद मेलोनी सरकार पर दबाव बढ़ा है. इसके बाद उनके प्रशासन के तीन सदस्यों ने पद छोड़ दिया था. वहीं, दक्षिणपंथी नेशनल फ्यूचर पार्टी ने जनमत सर्वेक्षणों में अपनी पकड़ मजबूत की है और मेलोनी की नीतियों को लेकर आलोचना भी तेज की है. पार्टी का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अपने मूल राजनीतिक रुख से हटकर अधिक मध्यमार्गी दृष्टिकोण अपनाया है. इन घटनाओं ने राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दिया है.
हाल के दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों ने भी विवाद को हवा दी है. ट्रंप ने दावा किया कि जी-7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की बार-बार कोशिश की थी. मेलोनी ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी देखने को मिली. ट्रंप ने मेलोनी की लोकप्रियता पर सवाल उठाए, जबकि इटली की प्रधानमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता केवल इटली के हितों की रक्षा करने की क्षमता पर निर्भर करती है.
यदि जॉर्जिया मेलोनी सितंबर तक प्रधानमंत्री पद पर बनी रहती हैं तो वह इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बन जाएंगी. यह रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के नाम दर्ज है. ऐसे में समयपूर्व चुनाव कराने या कार्यकाल पूरा करने का फैसला उनके राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आने वाले महीनों में लिया गया कोई भी निर्णय इटली की राजनीति की दिशा और सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है.