पंजाब में भगवंत मान सरकार की 'मावां-धियां सत्कार योजना' ने मचाया धमाल, डेराबस्सी में 46 हजार से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण

पंजाब सरकार की 'मावां-धियां सत्कार योजना' को डेराबस्सी में अच्छा समर्थन मिल रहा है. अब तक 46,826 महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है.

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Ashutosh Rai

पंजाब सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई 'मावां-धियां सत्कार योजना' डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है. योजना के तहत हजारों महिलाओं ने पंजीकरण कराया है. प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा तथा अभियान लगातार जारी रहेगा.

46 हजार के पार पंजीकरण का आंकड़ा 

डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में 'मावां-धियां सत्कार योजना' को महिलाओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है. क्षेत्र के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने जानकारी दी कि 5 जुलाई तक कुल 46,826 महिलाओं का सफल पंजीकरण किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस योजना को आगे बढ़ा रही है. सरकार का प्रयास है कि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे. विधायक ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं का आगे आना इस बात का संकेत है कि लोग इस योजना पर भरोसा जता रहे हैं और लगातार इसका हिस्सा बन रहे हैं.

महिला सखियां घर-घर पहुंचकर कर रहीं मदद

विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बताया कि जिन महिलाओं का पंजीकरण 1 जुलाई से पहले पूरा हो चुका था, उन्हें योजना की पहली किस्त जारी कर दी गई है. बाकी पात्र महिलाओं को भी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लाभ दिया जाएगा. योजना को आसान बनाने के लिए पूरे डेराबस्सी हलके में करीब 3,000 महिला सखियों को जिम्मेदारी दी गई है. ये महिला सखियां घर-घर जाकर महिलाओं को योजना की जानकारी दे रही हैं, पंजीकरण कराने में मदद कर रही हैं और जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में भी सहयोग कर रही हैं. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को काफी सुविधा मिल रही है.


सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचना

रंधावा ने कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे. इसी कारण पंजीकरण अभियान लगातार चलाया जा रहा है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजीकरण का आंकड़ा और बढ़ेगा. सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ें और उन्हें आर्थिक सहायता का लाभ समय पर मिले. प्रशासन की ओर से भी महिलाओं से अपील की जा रही है कि यदि उन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो जल्द प्रक्रिया पूरी करें. इससे योजना का लाभ सीधे उनके खाते तक पहुंच सकेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी.