फर्जी OBC सर्टिफिकेट से IAS बने आसिफ यूसुफ की मुस्किल बढ़ी, केंद्र ने केरल सरकार को लिखा पत्र
आईएएस अधिकारी आसिफ के. यूसुफ के OBC और आय प्रमाणपत्र अमान्य पाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई और आईएएस दर्जा रद्द करने की सिफारिश की है.
केरल कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी आसिफ के. यूसुफ की मुश्किलें बढ़ गई हैं. केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने केरल के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उनके खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करने और उनका आईएएस दर्जा रद्द करने की सिफारिश की है. आसिफ के. यूसुफ फिलहाल केरल सरकार के तहत नेशनल नॉन-रेसिडेंट केरलाइट अफेयर्स (NORKA) के निदेशक के पद पर तैनात हैं.
OBC और आय प्रमाणपत्र पाए गए अमान्य
केंद्र सरकार के अनुसार, आसिफ के. यूसुफ द्वारा प्रस्तुत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आय प्रमाणपत्र जांच में अमान्य पाए गए हैं. दोनों प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके हैं. DoPT ने अपने पत्र में कहा है कि मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लागू सेवा नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए. साथ ही, संबंधित प्रमाणपत्र जारी करने वाले तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
2019 की जांच रिपोर्ट में लगे थे आरोप
मामले की जांच केंद्र सरकार के निर्देश पर एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर एस. सुहास को सौंपी गई थी. नवंबर 2019 में सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि आसिफ के. यूसुफ ने UPSC परीक्षा के बाद OBC नॉन-क्रीमी लेयर का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर गलत दस्तावेज और आय प्रमाणपत्र जमा किए थे. इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई.
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नियमों के तहत होगी अगली कार्रवाई
केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, OBC नॉन-क्रीमी लेयर का लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलता है, जिनके माता-पिता की निर्धारित आय सीमा नियमों के अनुरूप हो. DoPT ने अपने पत्र में कहा है कि यदि जांच में प्रमाणपत्र गलत पाए गए हैं, तो संबंधित सेवा नियमों और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए. फिलहाल अंतिम फैसला केरल सरकार और संबंधित सक्षम प्राधिकार द्वारा नियमानुसार की जाने वाली कार्रवाई के बाद ही होगा.