पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रहे थे हथियार और हेरोइन, अमृतसर पुलिस ने 4 तस्करों को दबोचा
अमृतसर पुलिस ने ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार और हेरोइन मंगवाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और कारतूस बरामद किए गए.
अमृतसर: सीमा पार से नशा और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. थाना सुल्तानविंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से अवैध हथियार और हेरोइन मंगवाता था. जांच के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार सीमा पार बैठे तस्करों से जुड़े हुए हैं.
डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह के अनुसार, 25 जून 2026 को थाना सुल्तानविंड की टीम नियमित गश्त पर थी. इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक दोपहिया गाड़ी को रोककर जांच की गई. तलाशी में गुरसेवक सिंह और निरवैल सिंह के पास से एक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए. बरामद कारतूसों में तीन मैगजीन में और दो जेब से मिले.
पुराने मामलों से जुड़े मिले आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को थाना छेहरटा क्षेत्र में एक घर पर फायरिंग के मामले में इनके खिलाफ केस दर्ज है. उस मामले में दोनों फरार चल रहे थे. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है.
Also Read
पूछताछ में खुला बड़ा राज
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. जांच में पता चला कि वे पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए हथियार तथा नशीले पदार्थ मंगवाते थे. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए जशनप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह उर्फ गिंदा को भी गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, जशनप्रीत सिंह के खिलाफ पहले से 2 किलो हेरोइन बरामदगी का मामला दर्ज है. वहीं गुरसेवक सिंह पर भी कई आपराधिक केस चल रहे हैं. गिरफ्तार चारों आरोपियों में तीन बेरोजगार बताए गए हैं, जबकि गुरविंदर सिंह एक अस्पताल में ठेके पर सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है.
बरामदगी और आगे की जांच
इस अभियान के दौरान पुलिस ने कुल चार पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से संचालित नशा और हथियार तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा.