शेयर बाजार में दिखी सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी फिसले; 1 जुलाई को किन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर?

30 जून को भारी उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 249 और निफ्टी 80 अंक गिरकर बंद हुए. आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही, जबकि मिडकैप-स्मॉलकैप संभले रहे. कमजोर मानसून और वैश्विक संकेतों के बीच 1 जुलाई को बाजार के सीमित दायरे में रहने के आसार हैं.

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Kuldeep Sharma

भारतीय शेयर बाजार में 30 जून को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया और अंत में बाजार लाल निशान पर बंद हुआ. बिकवाली के दबाव के कारण सेंसेक्स 249.70 अंक टूटकर 76,478.67 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी भी 80.50 अंक की गिरावट के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ. हालांकि बड़े इंडेक्स में गिरावट के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में तेजी रही, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला.

दिनभर के कारोबार में करीब 2,250 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,805 शेयरों में गिरावट आई और 173 शेयरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ.

उतार-चढ़ाव का गणित क्या रहा

निफ्टी पर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, इन्फोसिस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टीसीएस और विप्रो शामिल रहे. दूसरी तरफ, मारुति सुजुकी, टाइटन, अदाणी एंटरप्राइजेस, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये टॉप गेनर्स रहे.


सेक्टर्स का हाल

गिरावट वाले सेक्टर्स: आईटी इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट आई और यह 2.5% तक टूट गया. इसके अलावा एफएमसीजी, पीएसयू बैंक और मीडिया सेक्टर्स भी नुकसान में रहे.

बढ़त वाले सेक्टर्स: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर्स के शेयरों में 1% से ज्यादा की तेजी आई. निफ्टी मिडकैप में 0.4% और स्मॉलकैप में 1% का उछाल देखा गया.

बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बावजूद निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. इसके अलावा अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के बयानों का इंतजार किया जा रहा है जिससे ब्याज दरों के भविष्य का संकेत मिलेगा. घरेलू मोर्चे पर, मानसून की धीमी रफ्तार और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनियों के कमजोर नतीजों की आशंका से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है. हालांकि कच्चे तेल की स्थिर कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली में कमी बाजार को बड़ी गिरावट से बचा सकती हैं.

आगे की राह और तकनीकी अनुमान

तकनीकी जानकारों के मुताबिक, निफ्टी इस समय अपने अहम सपोर्ट लेवल के करीब है. अगर निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे फिसलता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है. इसके विपरीत, इस स्तर को बनाए रखने पर बाजार में दोबारा रिकवरी दिख सकती है. वहीं बैंक निफ्टी के लिए 57,000–57,100 का स्तर मजबूत सपोर्ट और 58,000–58,200 का स्तर रेजिस्टेंस का काम करेगा. कुल मिलाकर, 1 जुलाई को भी बाजार के सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, इसलिए निवेशकों को अच्छे और मजबूत शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए.