हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत कांगड़ा घाटी की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. 3 जुलाई से पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलखंड पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा. लंबे समय से ट्रैक के रखरखाव कार्य के कारण सीमित रेल सेवाएं चल रही थीं, लेकिन अब मेंटीनेंस पूरा होने के बाद यात्रियों को पहले की तरह नियमित ट्रेन सुविधा मिल सकेगी.
पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर सहमति बनी. बैठक में फिरोजपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विवेक कुमार, कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. इस दौरान पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल सेवा के संचालन, ट्रैक की स्थिति और रखरखाव कार्य की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नियमित रेल सेवाएं बहाल करने का निर्णय लिया.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अभी तक पठानकोट से बैजनाथ के बीच केवल दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था. ट्रैक के रखरखाव के चलते प्रत्येक शुक्रवार को इन ट्रेनों का संचालन भी बंद रखा जाता था. डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि अब ट्रैक का आवश्यक मेंटीनेंस कार्य पूरा हो चुका है. इसी वजह से 3 जुलाई से सभी सात जोड़ी नैरोगेज ट्रेनों को नियमित रूप से चलाने का फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधा मिलेगी.
रेलवे के इस निर्णय से मानसून और आगामी त्योहारी सीजन में हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है. कांगड़ा घाटी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन के लिए भी प्रसिद्ध है. माता ब्रजेश्वरी देवी, ज्वालाजी, चामुंडा देवी और चिंतपूर्णी जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. नियमित रेल सेवा शुरू होने से इन यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा.
ट्रेनों का नियमित संचालन केवल पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि कांगड़ा घाटी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी राहत लेकर आएगा. रोजमर्रा की यात्रा, शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़े लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी. रेलवे का यह कदम क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा. माना जा रहा है कि नियमित ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा.