बठिंडा में AGTF का बड़ा एक्शन, 2 शूटर गिरफ्तार; हथियारों का जखीरा बरामद
पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने बठिंडा में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से दो अवैध देसी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. जांच जारी है.
चंडीगढ़: पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है. एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने बठिंडा में विशेष कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए. शुरुआती जांच में दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनके नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं तथा हथियारों की आपूर्ति का स्रोत क्या था.
सूत्रों के अनुसार एजीटीएफ को आरोपियों की गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली थी. इसके बाद बठिंडा में विशेष निगरानी और अभियान चलाया गया. पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए दोनों व्यक्तियों को काबू किया. कार्रवाई के दौरान बरामद हथियारों ने मामले को और गंभीर बना दिया.
दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह उर्फ चीमा और अभिमान सिंह उर्फ अभि के रूप में हुई है. पुलिस ने उनके कब्जे से दो देसी .32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की बरामदगी से संभावित आपराधिक गतिविधियों को समय रहते रोकने में मदद मिली है.
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गश्त के दौरान मिली सफलता
एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान के अनुसार टीम नियमित गश्त पर थी. इसी दौरान कैंटोनमेंट बाइपास रिंग रोड की स्लिप रोड के पास झाड़ियों में बैठे दो युवक संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दिए. पुलिस को देखकर दोनों ने खुद को छिपाने की कोशिश की. संदेह होने पर जब उनकी तलाशी ली गई तो अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए.
आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुलदीप सिंह उर्फ चीमा पहले भी कई मामलों में नामजद रह चुका है. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस दोनों आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है.
नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है. जांच एजेंसियां आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही हैं. थाना सिविल लाइंस, बठिंडा में मामला दर्ज कर लिया गया है. अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क से जुड़े और अहम खुलासे हो सकते हैं.