नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस पर पथराव, खिड़की के शीशे टूटे; रेलवे ने शुरू की जांच

Stone Pelting on Nagpur-Mumbai Duronto Express: नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस पर शुक्रवार रात पथराव की घटना सामने आई. ट्रेन जब बोरखेड़ी और सिंदी स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी बाहर से किसी ने पत्थर या कोई वस्तु ट्रेन की खिड़की पर फेंकी.

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Shilpa Srivastava

Stone Pelting on Nagpur-Mumbai Duronto Express: नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस पर शुक्रवार रात पथराव की घटना सामने आई. ट्रेन जब बोरखेड़ी और सिंदी स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी बाहर से किसी ने पत्थर या कोई वस्तु ट्रेन की खिड़की पर फेंकी. इससे ट्रेन के कुछ कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए. घटना के बाद रेलवे और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर की रात करीब 8:27 बजे ट्रेन नंबर 12290 बोरखेड़ी स्टेशन पार करने के बाद पथराव की घटना हुई. इस दौरान A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं लगी और न ही किसी तरह के नुकसान की सूचना है.

सूचना मिलने पर शुरू हुआ तलाशी अभियान:

घटना की जानकारी मिलने के बाद करीब 8:46 बजे RPF और GRP की टीम ने बोरखेड़ी-सिंदी के बीच रेलवे ट्रैक के आसपास तलाशी अभियान चलाया. करीब किलोमीटर 803 से 796 के बीच के इलाके की जांच की गई. पुलिस ने बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांव के आसपास के क्षेत्रों को भी देखा. जांच के दौरान स्थानीय पुलिस पाटिल और ग्रामीणों से पूछताछ की गई. हालांकि, पुलिस को मौके से कोई संदिग्ध व्यक्ति या ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह पता चल सके कि पथराव किसने किया था. 


ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों ने भी बताया कि करीब 8:27 बजे बाहर से किसी वस्तु या पत्थर के टकराने की आवाज और असर देखा गया था. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में पथराव किस स्थान से किया गया था और इसके पीछे कौन लोग थे. मामले में आगे की जांच जारी है.

रेलवे ने लोगों से की अपील:

चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. पत्थर से ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट सकता है और यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है. बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए ऐसी घटनाएं खास तौर पर जोखिम पैदा कर सकती हैं. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में RPF और GRP की गश्त बढ़ाने के साथ-साथ CCTV और अन्य निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है.

रेलवे ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बच्चों और युवाओं को इस तरह की गतिविधियों के खतरों के बारे में समझाने की अपील की है. रेलवे के अनुसार, चलती ट्रेन पर पत्थर या कोई अन्य वस्तु फेंकना कानून के तहत दंडनीय अपराध है. रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं में यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए सजा का प्रावधान है.

रेलवे ने आम लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें. इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दी जा सकती है.