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ट्विशा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज, MP हाईकोर्ट का आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा हत्या के मामले में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने इस आदेश को भी खारिज कर दिया है.

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Shilpa Srivastava

भोपाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा हत्या के मामले में उसकी सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने इस आदेश को भी खारिज कर दिया है, जो 15 मई को सेशन कोर्ट ने जारी किया था. बता दें कि गिरिबाला भोपाल की जिला जज थीं. इन्हें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) में किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है. गिरिबाला खुद को सरेंडर भी कर सकती हैं. 

बता दें कि रविवार को वेकेशन जज देवनारायण मिश्रा ने कहा कि कोर्ट ने मामले के सबूत और गिरिबाला सिंह के दावों को देखते हुए, भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी है. यह जमानत BNS 2023 की धारा 80(2), 85, 3(5), 3 और 4 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दी गई थी, जो अब रद्द हो गई है.

समर्थ सिंह को भेजा CBI अदालत:

एक वकील ने बताया कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की अदालत भेजा गया था. इसके बाद सीबीआई की टीम कटारा हिल्स इलाके में पहुंची, जहां से उन्हें गिरिबाला सिंह के घर तक पहुंचने में मदद मिली. बता दें की सीबीआई ने सोमवार को ट्विशा शर्मा केस अपने हाथ में ले लिया है. सीबीआई ने फिर से मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर दर्ज की है. इस एफआईआर में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को शामिल किया गया.

समर्थ सिंह ने पुलिस को क्या बताया:

पूछताछ में समर्थ ने बताया कि ट्विशा बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रस्त थी. उसका व्यवहार अचानक से बदल जाता था. इसके बाद डॉक्टर्स ने भी एडजस्टमेंट डिसऑर्डर की बात कही. समर्थ ने दावा किया कि ट्विशा का इलाज भी किया जा रहा था. अब CBI इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह इलाज सच में जरूरी था? ट्विशा की सहमति ली गई थी या नहीं? और उसके परिवार को इस इलाज की पूरी जानकारी दी गई थी या नहीं?