पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघिन की हवा में छलांग, चीतल बना शिकार, वीडियो में देखें अद्भुत नजारा
Panna Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघिन पी-141 ने अपने शावकों को शिकार सिखाते हुए हवा में छलांग लगाकर एक चीतल को पकड़ लिया. यह रोमांचक नजारा पर्यटक वैभव अहिरवार ने कैमरे में कैद किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. रेंजरों के अनुसार, यह बाघिन की प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा था. वन विभाग ने पर्यटकों से जंगल में सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है.
Wildlife Amazing Video: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से एक बार फिर प्रकृति का अद्भुत और रोमांचकारी दृश्य सामने आया है. यहां बाघिन पी-141 ने अपने तीन शावकों के सामने ऐसा शिकार किया, जिसने जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों को दंग कर दिया. बाघिन ने हवा में उछलकर एक चीतल (स्पॉटेड डियर) को पलक झपकते ही दबोच लिया.
यह दृश्य पन्ना टाइगर रिजर्व के पीपर टौला घास मैदान के पास सफर्ना नदी किनारे देखने को मिला. पर्यटक वैभव अहिरवार ने इस रोमांचक पल को अपने कैमरे में कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मैदान में दिखाई दिया चीतल
सूत्रों के अनुसार, बाघिन पी-141 अपने शावकों को शिकार की बारीकियां सिखा रही थी. यह दृश्य उसी प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसमें मां बाघिन अपने बच्चों को घात लगाना, छलांग लगाना और शिकार को पकड़ने जैसी तकनीकें सिखाती है. जैसे ही एक चीतल मैदान में दिखाई दिया, बाघिन ने पेड़ों की आड़ से चुपचाप घात लगाई और कुछ ही सेकंड में हवा में छलांग लगाकर शिकार को दबोच लिया.
इस घटना के बाद बाघिन और उसके तीनों शावक चीतल को घसीटकर झाड़ियों में ले गए और मिलकर उसका भोजन किया. इस दृश्य को देख रहे पर्यटक कुछ देर तक स्तब्ध रह गए. पन्ना टाइगर रिजर्व के रेंजर रोहित पुरोहित ने बताया कि यह नजारा असाधारण जरूर था, लेकिन यह जंगल के जीवन चक्र का स्वाभाविक हिस्सा है. उन्होंने कहा, “बाघिन पी-141 अपने शावकों को वास्तविक जंगल जीवन के कौशल सिखा रही थी. ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए पर्यटक भाग्यशाली रहे.”
जंगल के सुरक्षा नियमों का करें पालन
पिछले कुछ वर्षों में पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की बढ़ती संख्या के लिए सुर्खियों में रहा है. विशेष रूप से बाघिन पी-141 और उसके तीन शावक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती बाघों की आबादी के साथ रिजर्व का पारिस्थितिक संतुलन भी सशक्त हुआ है.
वन विभाग ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान जंगल के सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास को किसी प्रकार की हानि न पहुंचे. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे रोमांचक दृश्य लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं.
और पढ़ें
- खिलौना नहीं बम है', दिवाली पर मध्यप्रदेश में कार्बाइड बंदूक ने 14 बच्चों की छीन ली आंखों की रौशनी; सैकड़ों की हालत खराब
- हीरोगिरी करना पड़ा भारी, मुंह में दबाकर फोड़ा सुतली बम, धमाके में जबड़े के उड़े चिथड़े, हुआ बुरा हाल
- बाबा महाकाल के दरबार में पुजारी और महंत में हाथापाई, विवाद का वीडियो हुआ वायरल, जांच शुरू