मिडिल ईस्ट में तनाव का एशिया पर असर, ईंधन बचाने के लिए श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला; जानिए हर देश के हालात

पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध का सीधा असर अब एशियाई देशों पर दिखने लगा है हो रहा है. श्रीलंका में ईंधन बचाने के लिए पब्लिक हॉलिडे घोषित कर दिया गया है...

AI
Ashutosh Rai

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध का सीधा असर अब एशियाई देशों पर दिखने लगा है. ऊर्जा संकट की आहट से सहमे श्रीलंका ने ईंधन बचाने के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए सरकारी संस्थानों में हर बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी है. सोमवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई आपात बैठक में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने स्पष्ट किया, "हमें सबसे बेहतर की उम्मीद करनी चाहिए, लेकिन सबसे बुरे हालात के लिए भी तैयार रहना होगा." 

क्यों पैदा हुआ यह संकट?

यह खौफ मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण है. यह वही महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक क्षेत्र एशिया को उसकी 90% तेल और गैस की सप्लाई होती है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के बाद से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है.

एशिया के बाकी देशों का क्या है हाल?

  1. थाईलैंड: एयर कंडीशनिंग का बोझ कम करने के लिए सरकार ने अधिकारियों से सूट के बजाय छोटी आस्तीन वाली टी-शर्ट पहनने की अपील की है.

  2. म्यांमार: सड़कों पर गाड़ियों की संख्या सीमित करने के लिए लाइसेंस प्लेट के आधार पर ऑड-ईवन व्यवस्था लागू की गई है.

  3. बांग्लादेश: ऊर्जा बचाने के लिए देशव्यापी प्लांड ब्लैकआउट लागू है और विश्वविद्यालयों में रमजान की छुट्टियां समय से पहले ही कर दी गई हैं.

  4. फिलीपींस: सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है. राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने गैर-जरूरी यात्राओं पर रोक लगा दी है और प्रभावित वर्ग (किसानों, मछुआरों) को नकद आर्थिक मदद का ऐलान किया है.

  5. वियतनाम: सरकार नागरिकों को घरों में रहने, कारपूल करने और साइकिल व पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल के लिए जोरदार अभियान चला रही है.

  6. भारत: भारत में भी इस संकट की आंच पहुंच चुकी है. कच्चे तेल के 100 डॉलर के करीब पहुंचने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे एयरलाइंस और सप्लाई चेन का खर्च बढ़ गया है

श्रीलंका: 2022 की कड़वी यादें फिर ताजा

श्रीलंका का यह 4-डे वर्क वीक स्कूलों और यूनिवर्सिटीज पर भी लागू होगा. हालांकि, स्वास्थ्य और इमिग्रेशन जैसी जरूरी सेवाएं बुधवार को भी चालू रहेंगी. सरकार ने जानबूझकर शुक्रवार के बजाय बुधवार को छुट्टी का दिन चुना है, ताकि दफ्तर लगातार तीन दिनों तक बंद न रहें और कामकाज पूरी तरह ठप न हो.

नेशनल फ्यूल पास व्यवस्था

इस बीच, श्रीलंका में नेशनल फ्यूल पास व्यवस्था फिर से लागू कर दी गई है. इसके तहत कारों के लिए सिर्फ 15 लीटर और मोटरसाइकिलों के लिए 5 लीटर का कोटा तय किया गया है. इस फैसले ने आम जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है.