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कमर्शियल LPG संकट के बीच एमपी सरकार ने दी बड़ी, होटलों-रेस्टोरेंट और ढाबों को आवंटित किए गैस सिलेंडर

मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कमी के बीच होटल और ढाबों को सीमित गैस आवंटन देकर राहत दी है, जिससे प्रभावित कारोबार को दोबारा संभलने में मदद मिलेगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
कमर्शियल LPG संकट के बीच एमपी सरकार ने दी बड़ी, होटलों-रेस्टोरेंट और ढाबों को आवंटित किए गैस सिलेंडर
Courtesy: Pinterest

भोपाल: देश में कमर्शियल LPG की कमी के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट के चलते होटलों और रेस्टोरेंट को 9 प्रतिशत और ढाबों तथा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को 7 प्रतिशत कमर्शियल गैस आवंटित की. अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि यह बड़ी राहत नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी NRAI के इंदौर-भोपाल चैप्टर के प्रतिनिधियों द्वारा एक दिन पहले खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी से मुलाकात करने के बाद मिली है.

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से LPG की तत्काल उपलब्धता का आग्रह किया. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी CAIT के MP अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि बैठक के दौरान NRAI MP अध्यक्ष अभिषेक बाहेती के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की इस पर निर्भरता का हवाला देते हुए कमर्शियल गैस की तत्काल उपलब्धता का आग्रह किया.

उन्होंने आगे क्या बताया?

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में NRAI के प्रतिनिधि सपन अरोड़ा, अमित बाहेती, दीपेश मोटवानी, श्रीकांत सिंह, सचिन अग्रवाल, गर्वित अग्रवाल, सागर गैरे, विष्णु शर्मा और कुश मनोहर शामिल थे.

पिछले हफ्ते CAIT ने राज्य सरकार से आग्रह किया था कि हॉस्पिटैलिटी और फूड सर्विसेज को पूरी तरह से बंद होने से बचाने के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कम से कम सीमित आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए. उसने सरकार से एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने को कहा था, क्योंकि LPG की शून्य आपूर्ति ने इस क्षेत्र को पंगु बना दिया था.

होटलों, रेस्टोरेंट वालों के पास क्या था दूसरा विकल्प?

इस बीच MP में कई होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे के भोजनालयों ने अपना काम जारी रखने के लिए इंडक्शन स्टोव या कोयले से जलने वाले चूल्हों का रुख कर लिया है. दो दिन पहले केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल LPG का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मंजूर किया, जिससे कुल आवंटन बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि घरेलू उत्पादन में वृद्धि से स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है.

क्या है इसकी वजह?

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने भारत को ऊर्जा आपूर्ति बाधित कर दी थी, जिसके कारण शुरुआत में होटलों जैसे कमर्शियल प्रतिष्ठानों को LPG की आपूर्ति में कटौती की गई थी, ताकि घरेलू रसोईघरों को आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा सके.