ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देर रात एक भयानक सड़क हादसा हो गया. नेशनल हाईवे-79 पर रात करीब 12 बजे मजदूरों से भरा एक लोडिंग व्हीकल सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार टकरा गया. टक्कर इतनी तेज थी कि पूरा वाहन पलट गया. इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई और करीब 25 मजदूर घायल हो गए. सभी घायलों को तुरंत ग्वालियर के जय आरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया. वहां उनका इलाज चल रहा है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कुछ की स्थिति स्थिर है.
बता दें कि यह हादसा चिन्का (छमका) के पास हुआ. पुलिस अधिकारी राम महेश यादव के अनुसार, ये सभी मजदूर धान की रोपाई का काम करने के लिए डबरा क्षेत्र के चनोर इलाके में आए थे. काम खत्म होने के बाद वे अपने घर लौट रहे थे. तभी सामने से आ रहे ट्रक ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी. एक घायल मजदूर ने बताया कि वे गांव की ओर जा रहे थे. तभी ट्रक ने टक्कर मार दी और पूरा वाहन पलट गया. उसके कई साथी घायल हुए और कई की मौत हो गई.
भिंड जिले के गोहद चौराहा थाने के इंचार्ज रामनरेश यादव ने बताया, "नेशनल हाईवे 719 पर आधी रात के करीब एक हादसा हुआ. इसमें कुछ लोगों की मौत हुई है और काफी संख्या में लोग घायल हुए हैं. वे धान की रोपाई के काम के लिए इस इलाके में आए थे और घर लौट रहे थे, तभी एक ट्रक से उनकी टक्कर हो गई... हम कई पीड़ितों के परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं… और भी लोगों की मौत की खबर है, शायद तीन और—लेकिन हम उस जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं..."
#WATCH | Gwalior, Madhya Pradesh: Ramnaresh Yadav, Station In-charge, Gohad Chauraha, Bhind District, says, "An accident occurred around midnight on National Highway 719. There have been casualties, and a significant number of people—approximately 25—are injured. They had come to… pic.twitter.com/DaSVBXzorj
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) August 18, 2026
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस और आसपास के राहगीरों ने मिलकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला. उन्हें जल्दी अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में कई घायल स्ट्रेचर पर लेटे दिखे. कुछ के सिर पर पट्टियां बंधी हुई थीं. डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए हैं. पुलिस ने ट्रक को पकड़ लिया है. ट्रक ड्राइवर के भी घायल होने की संभावना है. इसकी जांच चल रही है.
अभी राहत और बचाव कार्य चल रहा है. घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जा रही है. डॉक्टरों से उनकी स्थिति की नियमित जानकारी ली जा रही है.