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IAS अकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को उनके ही छात्र ने बनाया बंधक, वसूले 2 करोड़ रुपये; टीना डाबी की रह चुकी हैं मेंटर

एक पूर्व यूपीएससी छात्र ने अपनी ही गुरु और जानी-मानी कोचिंग डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर 1.90 करोड़ रुपये की सनसनीखेज वसूली की है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
IAS अकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को उनके ही छात्र ने बनाया बंधक, वसूले 2 करोड़ रुपये; टीना डाबी की रह चुकी हैं मेंटर
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गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक पूर्व यूपीएससी छात्र ने अपनी ही पुरानी टीचर और आईएएस कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के खिलाफ साजिश रच दी. उसने शुभ्राको धोखे से बुलाया और फिर हथियार दिखाकर बंधक बना लिया. इस शतिर मास्टरमाइंड ने डरा-धमका कर उनसे करोड़ों रूपए ऐंठ लिए.

छात्र ने रची साजिश

यह मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है. इस खौफनाक साजिश का मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा है. साल 2016 में उसने शुभ्रा आईएएस कोचिंग में सिविल सेवा की तैयारी की थी. कोविड महामारी के दौरान प्रियंक ने भोपाल में इसी कोचिंग की एक फ्रेंचाइजी खोली थी. वह नुकसान के कारण बंद हो गई. इसी नुकसान और हताशा के कारण उसने पूरे दस साल बाद 2026 में अपने गुरु को निशाना बनाने की एक साजिश रच डाली.

कोचिंग सेंटर के बहाने बिछाया जाल

इस शातिर आरोपी ने अपनी टीचर को फंसाने के लिए एक सोची-समझी योजना तैयार की थी. प्रियंक ने शुभ्रा रंजन को एक नई कोचिंग ब्रांच खोलने का लुभावना प्रस्ताव देकर दिल्ली से भोपाल बुलाया था. शुरुआत में मीटिंग दिखाने के लिए दोनों होटल ताज में मिले. थोड़ी देर बाद वह उन्हें एक किराए के फ्लैट में ले गया. उसने एक दिन पहले ही फ्लैट लिया था और चीख-पुकार छुपाने के लिए वहां सुंदरकांड का पाठ रखवाया था.

गन पॉइंट पर वसूली

शुभ्रा उस किराए के फ्लैट में पहुंची. वहां पहले से मौजूद दतिया और रीवा  ने उन्हें घेर लिया. इन बदमाशों ने कोचिंग डायरेक्टर को पिस्टल की नोक पर बंधक बना लिया और डरा-धमका कर तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 90 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करवा ली. अपराधियों ने पुलिस को गुमराह करने और खुद को बचाने के लिए एक फर्जी वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. इस वीडियो में दिखाने की कोशिश की गई कि शुभ्रा रंजन और उनके पति ने ही अपहरण करवाया है.

आईसीयू का हाई वोल्टेज ड्रामा

इस वारदात को अंजाम देने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रियंक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाया. उसने खुद को भोपाल के एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवा लिया. क्राइम ब्रांच की टीम ने उसकी चालाकी पकड़ ली और अस्पताल से उसे गिरफ्तार कर लिया. उसके परिवार ने जमकर हंगामा किया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह जल्द ही विदेश भागने की फिराक में था. पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियंक समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं दो अन्य बदमाश अभी फरार हैं.