देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र में आई भयंकर ओलावृष्टि ने न सिर्फ मानव जीवन और कृषि को प्रभावित किया, बल्कि निर्दोष पक्षियों को भी बुरी तरह झकझोर दिया. पितावली गांव में एक बड़े पेड़ पर रहने वाले सैकड़ों तोते इस आपदा की चपेट में आ गए और मारे गए. अगली सुबह लोगों को यह दुखद नजारा देखकर गहरा सदमा लगा. वन अधिकारी ने घटना की पुष्टि की, जबकि किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं. राजनीतिक नेता और प्रशासन ने दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और मदद की बात की.
पितावली गांव में एक विशाल वृक्ष पर बड़ी तादाद में तोते अपना आशियाना बनाए हुए थे. अचानक आई तेज ओलावृष्टि में ये बेचारे पक्षी खुद को संभाल नहीं पाए और एक के बाद एक गिरकर मर गए. स्थानीय निवासी अजय सिंह सेंधव ने बताया कि मरने वालों की संख्या 300 के करीब है. देवास के रेंजर राजेश चौहान ने भी इस दुखद घटना को सत्यापित किया.ग्रामीणों की संवेदनशीलतासुबह होते ही गांववासियों ने मृत पक्षियों को इकट्ठा किया और पास ही एक गड्ढे में उन्हें सम्मानपूर्वक दफना दिया. यह कदम उनकी मानवीय भावना को दर्शाता है. इलाके में इस घटना से हर कोई स्तब्ध है और प्रकृति की इस मार पर अफसोस जता रहा है. ऐसे में पक्षी संरक्षण पर भी चर्चा शुरू हो गई है.
ओलावृष्टि के साथ आई तेज हवा और बारिश ने खजुरियाबीना जैसे गांवों में फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया. किसान अपनी मेहनत बर्बाद होते देख निराश हैं. शुक्रवार को प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया. इसमें पटवारी स्वीकार जैन, कपिल चौधरी, भगवान सिंह, कृषि अधिकारी मनोज कुमार मौर्य और पंचायत सचिव संतोष परमार जैसे लोग शामिल थे.
कांग्रेस के नेता राजवीर सिंह बघेल ने गुरिया गांव जाकर क्षतिग्रस्त खेतों का निरीक्षण किया. उन्होंने किसानों से बात की और हर तरह की सहायता उपलब्ध कराने का वचन दिया. उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भंवर सिंह सेंधव और अन्य साथी थे. इससे किसानों में थोड़ी उम्मीद जगी है.
देवास जिला सहकारी बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष रमेशचंद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा. इसमें प्रभावित किसानों को प्रति बीघा कम से कम 50 हजार रुपये की मदद और फसल बीमा राशि जल्द जारी करने की अपील की गई है. तहसीलदार को सौंपे इस ज्ञापन से उम्मीद है कि शासन स्तर पर कार्रवाई होगी.